अमेरिका–ईरान तनाव बढ़ा, समुद्री नाकाबंदी के बीच दूसरे दौर की वार्ता की संभावना
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी की घोषणा की, जबकि वार्ता की संभावना भी जताई गई है। तेहरान में विरोध प्रदर्शन हुए।
मध्य पूर्व में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और अमेरिका–ईरान तनाव नई ऊंचाई पर पहुंच गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि ईरान के बंदरगाहों की समुद्री नाकाबंदी लागू कर दी गई है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के साथ बातचीत के दरवाजे अभी खुले हैं और समझौते की संभावना बनी हुई है।
इस कदम के बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी सरकार ने इस कार्रवाई को “समुद्री डकैती” करार देते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। राजधानी तेहरान में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और सरकार के समर्थन में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
इस बीच, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने स्पष्ट किया है कि ब्रिटिश सेनाएं इस नाकाबंदी में शामिल नहीं होंगी। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस संकट को लेकर विभाजित रुख सामने आया है।
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मध्य पूर्व में एक और तनाव लेबनान में देखा जा रहा है। हिज़बुल्लाह के नेता नईम कासिम ने इज़राइल के साथ किसी भी तरह की बातचीत से इनकार कर दिया है। इज़राइली हमलों के कारण क्षेत्र में संघर्ष लगातार जारी है और मृतकों की संख्या भी बढ़ती जा रही है।
इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पोप लियो XIV की भी आलोचना की है, जिन्होंने ईरान संघर्ष के प्रति अमेरिका के रुख का विरोध किया था।
कुल मिलाकर, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव वैश्विक चिंता का विषय बन गया है और आने वाले दिनों में दूसरे दौर की वार्ता की संभावना पर सबकी नजर बनी हुई है।
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