अमेरिका-ईरान तनाव पर नरमी के संकेत? ट्रंप का बड़ा दावा, ईरान ने परमाणु हथियार से पीछे हटने की बात मानी
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा, लेकिन ईरान ने बातचीत से इनकार किया। दोनों देशों के बीच तनाव और अनिश्चितता बनी हुई है।
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बीच एक नया मोड़ सामने आया है। डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान ने परमाणु हथियार विकसित न करने पर सहमति जताई है। उन्होंने यह भी कहा कि संभावित समझौते की दिशा में बातचीत में अप्रत्याशित प्रगति हुई है।
मेम्फिस सेफ टास्क फोर्स राउंडटेबल में बोलते हुए ट्रंप ने बताया कि पिछले दो दिनों में वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत शुरू हुई, जो सकारात्मक दिशा में बढ़ती दिख रही है। उनके अनुसार, ईरान अब शांति चाहता है और मध्य-पूर्व के सहयोगियों, खासकर इज़राइल के हितों की रक्षा के साथ समझौते की अच्छी संभावना है।
ट्रंप ने यह भी घोषणा की कि “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के तहत ईरान के ऊर्जा और बिजली नेटवर्क पर प्रस्तावित हमलों को फिलहाल रोक दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह कदम संभावित व्यापक समझौते की संभावनाओं को परखने के लिए उठाया गया है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान के पास “एक आखिरी मौका” है।
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अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि अमेरिका ने पहले ही ईरान की सैन्य क्षमता को काफी हद तक कमजोर कर दिया है, जिसमें उसकी नौसेना, वायुसेना और वायु रक्षा प्रणाली शामिल हैं।
हालांकि, ईरान की ओर से इन दावों को तुरंत खारिज कर दिया गया। मोहम्मद बाघेर ग़ालिबाफ़ ने कहा कि तेहरान और वॉशिंगटन के बीच कोई बातचीत नहीं हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका वैश्विक तेल और वित्तीय बाजारों को प्रभावित करने के लिए इस तरह के दावे कर रहा है।
इस घटनाक्रम से क्षेत्र में अनिश्चितता बनी हुई है और वैश्विक राजनीति पर इसके प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ गई है।
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