ईरान युद्ध के पहले 48 घंटों में अमेरिका ने खर्च किए 5.6 अरब डॉलर के हथियार
अमेरिका ने ईरान पर हमलों के पहले 48 घंटों में लगभग 5.6 अरब डॉलर के हथियार इस्तेमाल किए। इससे अमेरिकी सैन्य भंडार और युद्ध की लागत को लेकर नई चिंताएँ बढ़ गई हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के पहले 48 घंटों में अमेरिका ने लगभग 5.6 अरब डॉलर यानी करीब 51,400 करोड़ रुपये के हथियारों का इस्तेमाल किया। यह जानकारी एक रिपोर्ट में सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार यह राशि केवल शुरुआती हमलों में इस्तेमाल किए गए हथियारों की लागत है और इसमें सैनिकों, विमानों या नौसैनिक बलों की तैनाती का खर्च शामिल नहीं है।
इस भारी खर्च को लेकर अमेरिका की राजनीति और रक्षा तंत्र में चिंता बढ़ गई है। कई सांसदों का कहना है कि इतनी तेज़ी से हथियारों का उपयोग अमेरिकी सेना की युद्ध क्षमता और भंडार पर असर डाल सकता है। उनका सवाल है कि पेंटागन इस युद्ध को कितने समय तक जारी रख पाएगा।
हालांकि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने इन चिंताओं को खारिज कर दिया है। पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता सीन पार्नेल ने कहा कि रक्षा विभाग के पास राष्ट्रपति के निर्देशानुसार किसी भी समय और स्थान पर मिशन को पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं।
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रिपोर्ट के अनुसार 28 फरवरी से शुरू हुए इस संघर्ष में अमेरिकी सेना ने सैकड़ों महंगे हथियारों का इस्तेमाल किया है। इनमें उन्नत एयर डिफेंस इंटरसेप्टर और टॉमहॉक क्रूज़ मिसाइलें शामिल हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक ईरान में अब तक 5,000 से अधिक लक्ष्यों पर हमले किए जा चुके हैं और 2,000 से ज्यादा हथियारों का उपयोग किया गया है।
इसी बीच ट्रंप प्रशासन इस अभियान को जारी रखने के लिए कांग्रेस में अतिरिक्त रक्षा बजट पेश करने की योजना बना रहा है, जिसकी राशि अरबों डॉलर हो सकती है। हालांकि कई डेमोक्रेट सांसद इस प्रस्ताव का विरोध कर सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार युद्ध की बढ़ती लागत और हथियारों की खपत को देखते हुए अमेरिका अब अधिक सस्ते और उपलब्ध लेजर-गाइडेड बमों का इस्तेमाल बढ़ाने की रणनीति अपना रहा है।
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