अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध: ईरान की बड़ी चेतावनी, क्षेत्र की सैन्य और आर्थिक ढांचे को पूरी तरह तबाह करने की धमकी
ईरान ने क्षेत्र की सैन्य और आर्थिक संरचना को नष्ट करने की चेतावनी दी। इजरायल ने हमले तेज किए, जबकि मिसाइल और ड्रोन हमलों से खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर।
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध पांचवें दिन और भी उग्र हो गया है। ईरान ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि हमले नहीं रुके तो वह पूरे क्षेत्र की सैन्य और आर्थिक संरचना को पूरी तरह तबाह कर सकता है।
इजरायल ने ईरानी मिसाइल लॉन्चरों और हथियार कारखानों पर अपने हमले तेज कर दिए हैं। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल पर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं और खाड़ी क्षेत्र में ड्रोन हमले किए। इन हमलों में सऊदी अरब स्थित अमेरिकी दूतावास और दुबई स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास को भी निशाना बनाए जाने की खबर है।
कतर में स्थित अल उदीद एयर बेस, जहां अमेरिकी सेना तैनात है, पर भी बैलिस्टिक मिसाइलें गिरने की सूचना है। इस बढ़ते संघर्ष के कारण क्षेत्र में ऊर्जा आपूर्ति और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
इस बीच ‘ईरान इंटरनेशनल’ की रिपोर्ट के अनुसार, दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के पुत्र मोजतबा खामेनेई को विशेषज्ञों की सभा द्वारा ईरान का नया सर्वोच्च नेता चुना गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जब अमेरिका-इजरायल अभियान समाप्त होगा, तब ईरान की मौजूदा व्यवस्था के भीतर से ही कोई नेतृत्व संभाल सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरान में लगभग 800 लोगों की मौत हो चुकी है।
अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने बताया कि शनिवार से अब तक अमेरिकी बलों ने ईरान में 1,700 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया है। इनमें नौसैनिक पोत, पनडुब्बियां, एंटी-शिप मिसाइल साइट्स और कमांड एवं कंट्रोल केंद्र शामिल हैं।
संघर्ष के शुरुआती चरण में कई वरिष्ठ ईरानी नेताओं के मारे जाने के बाद तेहरान ने अमेरिकी ठिकानों और इजरायली परिसंपत्तियों पर व्यापक जवाबी कार्रवाई की है।
लगातार हो रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों से मध्य पूर्व में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं और पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ती जा रही है।
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