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ईरान युद्ध में अमेरिका ने खोए करीब 45 रीपर ड्रोन, बेड़े का लगभग 25 फीसदी हिस्सा: रिपोर्ट

रिपोर्ट के अनुसार ईरान के साथ पांच महीने से अधिक लंबे संघर्ष में अमेरिका ने करीब 45 एमक्यू-9 रीपर ड्रोन खोए हैं। कुछ ड्रोन संचार विफलता से दुर्घटनाग्रस्त हुए।

ईरान के साथ पांच महीने से अधिक समय से जारी संघर्ष में अमेरिका ने अपने करीब 45 एमक्यू-9 रीपर ड्रोन खो दिए हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, यह संख्या अमेरिकी सैन्य बेड़े में मौजूद रीपर ड्रोन का लगभग 25 प्रतिशत है। हालांकि, सभी ड्रोन ईरान द्वारा मार गिराए नहीं गए। कुछ ड्रोन अपने ऑपरेटरों से संपर्क टूटने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हुए।

गुरुवार को प्रकाशित रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि ईरान युद्ध शुरू होने के समय अमेरिका के पास लगभग 185 रीपर ड्रोन थे। इनमें 165 ड्रोन अमेरिकी वायुसेना के पास और 20 अमेरिकी मरीन कॉर्प्स के पास थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, इन ड्रोन के नुकसान से अमेरिकी करदाताओं पर 1.3 अरब डॉलर से अधिक का आर्थिक बोझ पड़ सकता है। रीपर ड्रोन अमेरिका के प्रमुख निगरानी और हमलावर प्लेटफॉर्म में शामिल हैं।

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अमेरिका ने 2007 में रीपर ड्रोन को अपने सैन्य बेड़े में शामिल किया था। इसके बाद से इनका इस्तेमाल आतंकवाद विरोधी और समुद्री डकैती रोधी अभियानों में बड़े पैमाने पर किया गया। अफगानिस्तान के अलावा इराक, सीरिया और यमन सहित मध्य पूर्व के कई इलाकों में भी इन ड्रोन का इस्तेमाल किया गया है।

भारत और अमेरिका के बीच 2024 में 31 रीपर ड्रोन की खरीद को लेकर समझौता हुआ था। इनकी आपूर्ति 2029 से शुरू होने की उम्मीद है। समझौते के तहत भारतीय सेना और भारतीय वायुसेना को आठ-आठ, जबकि भारतीय नौसेना को 15 ड्रोन मिलने हैं। इनमें 10 ड्रोन तैयार हालत में और 21 भारत में असेंबल किए जाने हैं।

इस बीच, ईरान युद्ध की बढ़ती लागत को लेकर अमेरिका में बहस तेज हो गई है। जुलाई में अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया था कि युद्ध पर अमेरिका का खर्च करीब 37.5 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। उन्होंने पेंटागन के लिए अतिरिक्त 87 अरब डॉलर की मांग भी की थी।

रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका अब युद्ध समाप्त करने के विकल्प तलाश रहा है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन कथित तौर पर परमाणु समझौते के बिना भी संघर्ष रोकने को तैयार है, बशर्ते ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य खोल दे। वहीं ईरान ने 2028 में ट्रंप का कार्यकाल खत्म होने तक संघर्ष जारी रखने की संभावना जताई है।

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