एक्सबॉक्स से युद्धक्षेत्र तक? होर्मुज में लेजर हथियार चलाने के लिए गेमिंग कंट्रोलर का इस्तेमाल
अमेरिकी सेना मध्य पूर्व में ड्रोन रोकने के लिए हाई-एनर्जी लेजर हथियार इस्तेमाल कर रही है। सैनिक इन्हें संशोधित एक्सबॉक्स कंट्रोलर से संचालित करते हैं, जिससे लागत घट सकती है।
अमेरिकी सेना मध्य पूर्व में ड्रोन से निपटने के लिए हाई-एनर्जी लेजर हथियारों का इस्तेमाल कर रही है। खास बात यह है कि इन प्रणालियों को संचालित करने के लिए सैनिकों द्वारा संशोधित एक्सबॉक्स गेम कंट्रोलर इस्तेमाल किए जा रहे हैं। यह तकनीक पारंपरिक मिसाइलों के बजाय केंद्रित ऊर्जा के जरिए लक्ष्यों को नष्ट करने के लिए तैयार की गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी रक्षा विभाग का कहना है कि लेजर का इस्तेमाल ड्रोन और आने वाली क्रूज मिसाइलों को नष्ट करने के लिए किया जा रहा है। इसका खर्च पारंपरिक मिसाइल जैसे महंगे हथियारों की तुलना में कम हो सकता है। अमेरिका में इस तकनीक पर करीब 50 वर्षों से काम चल रहा है और अब इसे दक्षिणी सीमा पर भी परीक्षण किया जा रहा है।
कैसे काम करता है लेजर हथियार?
लेजर प्रणाली किसी लक्ष्य पर भौतिक मिसाइल दागने के बजाय केंद्रित ऊर्जा की किरण भेजती है। जनरेटर या बैटरी से मिलने वाली ऊर्जा को फोटॉन में बदला जाता है और उन्हें एक शक्तिशाली बीम के रूप में लक्ष्य पर केंद्रित किया जाता है।
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यह किरण ड्रोन के किसी खास हिस्से को इतना गर्म कर सकती है कि वह क्षतिग्रस्त या नष्ट हो जाए। विशेषज्ञों के अनुसार, प्रणाली ड्रोन को सटीकता से ट्रैक कर उसके सेंसर को निष्क्रिय या पूरे ड्रोन को नष्ट कर सकती है।
एक्सबॉक्स कंट्रोलर क्यों?
लेजर प्रणाली के लिए सैनिकों द्वारा संशोधित एक्सबॉक्स कंट्रोलर का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके पीछे विचार यह है कि गेमिंग उद्योग पहले ही ऐसे कंट्रोलर विकसित कर चुका है, जिन्हें सटीक और तेज नियंत्रण के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
तकनीक की सीमाएं
लेजर हथियारों का इस्तेमाल मध्य पूर्व में किया जा रहा है और कुछ युद्धपोतों पर भी ऐसी प्रणालियां तैनात हैं। हालांकि, विशेषज्ञों के मुताबिक अभी इनका इस्तेमाल मानव लक्ष्यों के खिलाफ नहीं किया गया है।
वर्तमान प्रणालियां आकार में बड़ी और भारी हैं तथा साफ मौसम में बेहतर काम करती हैं। एक साथ बड़ी संख्या में ड्रोन आने पर इनकी प्रभावशीलता प्रभावित हो सकती है।
अमेरिकी सेना कथित तौर पर इस तकनीक पर 50 करोड़ डॉलर खर्च कर रही है। HELIOS प्रणाली 60 किलोवाट के हाई-एनर्जी लेजर से लक्ष्यों पर हमला कर सकती है।
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