×
 

अमेरिका ने ईरानी रडार और ड्रोन ठिकानों पर किया हमला, कहा- आत्मरक्षा में उठाया कदम

अमेरिका ने आत्मरक्षा का हवाला देते हुए ईरान के रडार और ड्रोन ठिकानों पर हमला किया। दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों को लेकर तनाव जारी है।

अमेरिकी सेना ने ईरान के रडार और ड्रोन प्रतिष्ठानों पर हवाई हमले किए हैं। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा के तहत की गई है। अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) के अनुसार, सप्ताहांत में ईरान के गोरुक क्षेत्र और क़ेश्म द्वीप स्थित रडार प्रतिष्ठानों तथा ड्रोन नियंत्रण केंद्रों को निशाना बनाया गया।

सेंटकॉम ने कहा कि यह सैन्य कार्रवाई उस घटना के बाद की गई, जिसमें ईरान ने कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में उड़ रहे अमेरिकी एमक्यू-1 ड्रोन को मार गिराया था। अमेरिकी सेना के अनुसार, यह अभियान “संतुलित और सोच-समझकर” चलाया गया, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में मौजूद तत्काल खतरों को समाप्त करना था।

अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान की वायु रक्षा प्रणालियों, एक ड्रोन नियंत्रण स्टेशन और दो एकतरफा हमला करने वाले ड्रोन को नष्ट कर दिया। सेंटकॉम का दावा है कि ये ड्रोन क्षेत्रीय जलक्षेत्र में संचालित वाणिज्यिक और सैन्य जहाजों के लिए सीधा खतरा था।

और पढ़ें: इज़राइल ने लेबनान में हिज़्बुल्लाह से जुड़े 50 ठिकानों पर हमले किए

अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान में किसी भी अमेरिकी सैनिक के घायल होने की सूचना नहीं है। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब वॉशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव बना हुआ है, हालांकि क्षेत्र में युद्धविराम बनाए रखने के प्रयास भी जारी हैं।

इस बीच, ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह अमेरिका के साथ कोई भी समझौता तभी करेगा, जब उसके राष्ट्रीय हितों और अधिकारों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने कहा कि तेहरान अमेरिकी आश्वासनों पर पूरी तरह निर्भर नहीं है और किसी भी समझौते को मंजूरी देने से पहले ईरानी जनता के हितों की रक्षा सुनिश्चित करेगा।

ईरान की प्रमुख मांगों में अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों को पूरी तरह हटाना और विदेशी बैंकों में जमा उसकी अरबों डॉलर की संपत्तियों तक पहुंच बहाल करना शामिल है। वहीं, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज़ जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद अभी भी बने हुए हैं।

और पढ़ें: ईरान युद्ध नहीं चाहता था, हमले के चलते जवाब देने को मजबूर हुआ: भारत में सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share