ईरान के पास अमेरिका का तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात, ट्रंप बोले—नाकेबंदी पूरी तरह प्रभावी
अमेरिका ने ईरान के पास तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात किया। ट्रंप ने नाकेबंदी को पूरी तरह प्रभावी बताया और कहा कि ईरान पर दबाव बनाकर शांति समझौते की कोशिश जारी है।
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान के पास अपना तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात कर दिया है। यूएसएस जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश (CVN-77) नामक यह विशाल युद्धपोत अब क्षेत्र में पहले से मौजूद यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड और यूएसएस अब्राहम लिंकन के साथ शामिल होगा। हालांकि, इस तीसरे कैरियर के सटीक मिशन को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान की सैन्य शक्ति पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण स्थापित हो चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के खिलाफ लागू की गई नौसैनिक नाकेबंदी “100 प्रतिशत प्रभावी” है।
यूएस सेंट्रल कमांड के अनुसार, यूएसएस जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश हिंद महासागर क्षेत्र में तैनात किया गया है और यह अफ्रीका के पूर्वी तट के पास से गुजर रहा है। यह निमिट्ज़-श्रेणी का एयरक्राफ्ट कैरियर है, जिसमें कई लड़ाकू विमान और बड़ी संख्या में सैन्य कर्मी मौजूद हैं।
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विशेषज्ञों का मानना है कि इस तैनाती का उद्देश्य ईरान पर दबाव बढ़ाना और उसकी आर्थिक स्थिति को कमजोर करना है। ट्रंप के अनुसार, नाकेबंदी का मकसद ईरान को शांति समझौते के लिए मजबूर करना है। हालांकि, ईरान ने अमेरिकी मांगों को “अनुचित” बताते हुए इस नाकेबंदी को अवैध करार दिया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, युद्धविराम के दौरान अमेरिका अपनी सैन्य ताकत को फिर से व्यवस्थित कर रहा है और जरूरत पड़ने पर हमले दोबारा शुरू करने के लिए तैयार है।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को इस संघर्ष को खत्म करने की कोई जल्दबाजी नहीं है और कोई भी समझौता तभी होगा, जब वह अमेरिका और उसके सहयोगियों के हित में होगा।
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