अमेरिकी नेटवर्क के बहिष्कार के बीच व्हाइट हाउस ने लॉन्च किया ट्रंप टीवी, 24 घंटे प्रसारित होगा कंटेंट
व्हाइट हाउस ने प्रमुख अमेरिकी टीवी नेटवर्कों के पूल कवरेज निलंबित करने के बाद ‘ट्रंप टीवी’ लॉन्च किया। प्लेटफॉर्म पर राष्ट्रपति ट्रंप के भाषण, घोषणाएं और कार्यक्रम प्रसारित होंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने प्रमुख अमेरिकी टेलीविजन नेटवर्कों के विरोध और व्हाइट हाउस मीडिया एक्सेस को लेकर विवाद के बीच ‘ट्रंप टीवी’ लॉन्च किया है। यह 24 घंटे चलने वाला स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म है, जिस पर प्रशासन की घोषणाएं, राष्ट्रपति के संबोधन, सार्वजनिक कार्यक्रम और अन्य सामग्री प्रसारित की जाएगी।
व्हाइट हाउस ने सोमवार को स्थानीय समयानुसार शाम 7 बजे अपने यूट्यूब चैनल पर इस सेवा की शुरुआत की। प्रशासन के अनुसार, नए प्लेटफॉर्म पर व्हाइट हाउस और राष्ट्रपति से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यक्रमों को एक जगह उपलब्ध कराया जाएगा। सामग्री को रियल टाइम में अपडेट किया जाएगा।
लॉन्च के दौरान ट्रंप के पहले के सार्वजनिक कार्यक्रमों और भाषणों के फुटेज भी प्रसारित किए गए। इनमें अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में उनके शपथ ग्रहण समारोह की रिकॉर्डिंग भी शामिल थी। व्हाइट हाउस ने कहा कि अब प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण क्षणों को दर्शकों तक सीधे पहुंचाया जा सकेगा।
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‘ट्रंप टीवी’ की शुरुआत उस समय हुई है, जब सीएनएन, एमएस नाउ और पोलिटिको ने व्हाइट हाउस के खिलाफ संघीय अदालत में मुकदमा दायर किया है। इन मीडिया संगठनों ने अपने पत्रकारों की व्हाइट हाउस तक पहुंच खत्म किए जाने को चुनौती दी है। उनका आरोप है कि प्रशासन का यह कदम अमेरिकी संविधान के प्रथम संशोधन में दिए गए प्रेस अधिकारों का उल्लंघन करता है।
व्हाइट हाउस ने ट्रंप की आलोचनात्मक रिपोर्टिंग के बाद इन तीनों मीडिया संगठनों के पत्रकारों की पहुंच प्रतिबंधित कर दी थी। पत्रकारों के प्रेस क्रेडेंशियल निष्क्रिय कर दिए गए और उन्हें व्हाइट हाउस में प्रवेश से रोक दिया गया। मीडिया संस्थानों के अनुसार, यह कार्रवाई बिना पूर्व सूचना या प्रक्रिया के की गई।
इसके बाद अमेरिका के पांच प्रमुख टेलीविजन नेटवर्क—एबीसी, सीबीएस, सीएनएन, एनबीसी और फॉक्स न्यूज—ने व्हाइट हाउस के साझा टेलीविजन पूल से अपनी भागीदारी निलंबित कर दी। नेटवर्कों ने कहा कि जनता को सरकार से जुड़ी सटीक और स्वतंत्र जानकारी प्राप्त करने में महत्वपूर्ण रुचि है तथा किसी प्रशासन को रिपोर्टिंग से असहमति के कारण किसी समाचार संगठन को प्रतिबंधित नहीं करना चाहिए।
ट्रंप ने हालांकि मीडिया संगठनों के बहिष्कार की संभावना को खारिज करते हुए कहा कि पत्रकार और मीडिया संस्थान उन्हें वास्तव में नजरअंदाज नहीं कर सकते।
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