यमन में सऊदी गठबंधन के हवाई हमले, यूएई समर्थित बलों पर कार्रवाई में सात की मौत
यमन में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के हवाई हमलों में यूएई समर्थित एसटीसी के सात लड़ाके मारे गए, जिससे सऊदी अरब और यूएई समर्थित गुटों के बीच तनाव और बढ़ गया।
यमन में शुक्रवार (2 जनवरी 2026) को सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन के हवाई हमलों में यूएई समर्थित दक्षिणी संक्रमणकालीन परिषद (एसटीसी) के सात अलगाववादी लड़ाके मारे गए। एसटीसी के एक अधिकारी के अनुसार, ये हमले एसटीसी की हालिया सैन्य बढ़त के जवाब में किए गए, जिससे क्षेत्र में बड़े टकराव की आशंका गहरा गई है।
पिछले महीने एसटीसी ने सऊदी अरब से सटे हदरमौत और पड़ोसी महरा प्रांतों के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद गठबंधन की ओर से यह पहली कार्रवाई है, जिसमें जानमाल का नुकसान हुआ है। एसटीसी के सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि संगठन अब सऊदी समर्थित यमनी बलों के खिलाफ “निर्णायक और अस्तित्व की लड़ाई” लड़ रहा है, जिसे उसने कट्टर इस्लामवाद के खिलाफ संघर्ष करार दिया—जो यूएई की लंबे समय से प्राथमिकता रही है।
हदरमौत में एसटीसी प्रमुख मोहम्मद अब्दुलमलिक के अनुसार, अल-ख़साह शिविर पर सात हवाई हमले किए गए, जिनमें सात लोगों की मौत हुई और 20 से अधिक घायल हुए। उन्होंने बताया कि उसी क्षेत्र में अन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया गया।
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ये हवाई हमले सऊदी समर्थित बलों द्वारा हदरमौत में सैन्य ठिकानों का “शांतिपूर्ण” तरीके से नियंत्रण लेने के अभियान की घोषणा के तुरंत बाद हुए। हालांकि, एसटीसी के विदेश मामलों के प्रतिनिधि अम्र अल-बिध ने रियाद पर आरोप लगाया कि उसने “शांतिपूर्ण अभियान” की घोषणा कर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गुमराह किया और कुछ ही मिनटों बाद हवाई हमले शुरू कर दिए।
सऊदी सूत्रों ने पुष्टि की कि हमले सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने किए, जिसमें नाममात्र रूप से यूएई भी शामिल है। एक सैन्य सूत्र ने चेतावनी दी कि एसटीसी के दोनों प्रांतों से पीछे हटने तक कार्रवाई जारी रहेगी।
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