लखनऊ अग्निकांड के बाद बड़ा एक्शन: योगी आदित्यनाथ का आदेश—अब बेसमेंट में नहीं चलेंगे कोचिंग और नर्सिंग होम
लखनऊ अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश में सुरक्षा ऑडिट शुरू हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेसमेंट में कोचिंग और नर्सिंग होम पर रोक लगाई और 100 से अधिक संस्थान सील किए गए।
लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई थी, के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर सुरक्षा ऑडिट अभियान शुरू कर दिया है। इस घटना के बाद प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर हादसे की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि अब किसी भी स्थिति में बेसमेंट में कोचिंग सेंटर या नर्सिंग होम संचालित नहीं किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भवनों का उपयोग केवल उसी उद्देश्य के लिए होना चाहिए, जिसके लिए उन्हें आधिकारिक मंजूरी मिली हो। भूमि उपयोग और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह घटना राज्य के लिए एक बड़ा सबक है और अग्नि सुरक्षा मानकों से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने सभी जिलों में विशेष टीमों के माध्यम से व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि पहले जागरूकता अभियान चलाया जाए और उसके बाद ही कार्रवाई की जाए ताकि किसी नागरिक को अनावश्यक परेशान न किया जाए।
जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में कोचिंग संस्थानों का विस्तृत सर्वे कर सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण में भवन की स्थिति, फायर सेफ्टी व्यवस्था, विद्युत सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की जांच की जाएगी।
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर जांच अभियान शुरू हो गया है। लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर, प्रयागराज, मेरठ और आगरा सहित कई शहरों में जिला प्रशासन, विकास प्राधिकरण और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीमों ने कार्रवाई करते हुए 100 से अधिक कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया है।
इस बीच मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जिसने घटनास्थल का निरीक्षण किया और किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में भर्ती घायलों से मुलाकात की। फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम ने भी महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, सभी साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच की जाएगी और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। जांच रिपोर्ट तय समय सीमा के भीतर सरकार को सौंपी जाएगी।