नई तकनीक सीखें और नवाचार अपनाएं: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर युवाओं को योगी आदित्यनाथ का संदेश
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर योगी आदित्यनाथ ने युवाओं से नई तकनीक अपनाने और नवाचार को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने उत्तर प्रदेश को डीप टेक कैपिटल बनाने का संकल्प दोहराया।
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के युवाओं को नई तकनीकों को सीखने और नवाचार अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की मजबूत नींव है। मुख्यमंत्री ने 11 मई के ऐतिहासिक महत्व को याद करते हुए कहा कि इसी दिन वर्ष 1998 में भारत ने राजस्थान के पोखरण में ‘ऑपरेशन शक्ति’ के तहत सफल परमाणु परीक्षण कर दुनिया को अपनी वैज्ञानिक क्षमता और तकनीकी ताकत का परिचय कराया था।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उसी दिन स्वदेशी विमान ‘हंसा-3’ ने सफल उड़ान भरी थी और स्वदेशी ‘त्रिशूल’ मिसाइल का भी सफल परीक्षण किया गया था। उन्होंने कहा कि तकनीक केवल विकास का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का आधार है और राज्य सरकार इसी सोच के साथ आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज तकनीक प्रयोगशालाओं से निकलकर गांवों और खेतों तक पहुंच चुकी है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए लोगों के खातों में सीधे पैसा भेजा जा रहा है और ऑनलाइन स्व-गणना जैसी सुविधाएं भी तकनीक का ही परिणाम हैं। उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी सफल अंतरिक्ष यात्रा ने देश को गौरवान्वित किया है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन चला रही है। राज्य में डेटा सेंटर क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं और ‘टेक युवा समर्थ योजना’ के माध्यम से युवाओं को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ड्रोन, क्वांटम टेक्नोलॉजी, ग्रीन हाइड्रोजन और मेड-टेक जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण भी अब उत्तर प्रदेश में हो रहा है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि तकनीक के साथ कदम मिलाकर चलना ही उज्ज्वल भविष्य की कुंजी है।
और पढ़ें: बार्सिलोना ने 29वीं बार जीता ला लीगा खिताब, एल क्लासिको में रियल मैड्रिड को 2-0 से हराया