झू रोंगजी का 98 वर्ष की उम्र में निधन, चीन की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने में निभाई अहम भूमिका
चीन के पूर्व प्रधानमंत्री झू रोंगजी का 98 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने आर्थिक सुधारों, सरकारी कंपनियों के पुनर्गठन और विश्व व्यापार संगठन में चीन की सदस्यता में अहम भूमिका निभाई।
चीन के पूर्व प्रधानमंत्री झू रोंगजी का बुधवार को 98 वर्ष की उम्र में बीजिंग में बीमारी के कारण निधन हो गया। चीन के सरकारी मीडिया के अनुसार, उन्होंने स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 11 बजे अंतिम सांस ली। झू रोंगजी को चीन के आर्थिक परिवर्तन के दौर के प्रमुख नेताओं में गिना जाता है। वह 1998 से 2003 तक देश के प्रधानमंत्री रहे।
अपने कार्यकाल के दौरान झू ने सरकारी कंपनियों में बड़े पैमाने पर सुधार किए और चीन को विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में शामिल कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में चीन की अर्थव्यवस्था को अधिक प्रतिस्पर्धी और वैश्विक बाजार से जुड़ा बनाने की कोशिश की गई।
झू का जन्म अक्टूबर 1928 में हुनान प्रांत में हुआ था। उन्होंने छिंगहुआ विश्वविद्यालय से विद्युत इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और 1949 में कम्युनिस्ट पार्टी में शामिल हुए। शुरुआती राजनीतिक जीवन में उन्हें माओत्से तुंग की आर्थिक नीतियों की आलोचना करने के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। सांस्कृतिक क्रांति के दौरान उन्हें पद से हटा दिया गया और कई वर्षों तक खेतों में मजदूरी करनी पड़ी।
1978 में उनका पुनर्वास हुआ और इसके बाद उनका राजनीतिक कद तेजी से बढ़ा। 1987 में वह शंघाई के मेयर बने, 1991 में उपप्रधानमंत्री और 1992 में कम्युनिस्ट पार्टी की पोलित ब्यूरो स्थायी समिति के सदस्य बने।
1998 में प्रधानमंत्री बनने के बाद झू ने सरकारी कंपनियों के पुनर्गठन पर जोर दिया। हालांकि इन सुधारों के कारण लाखों लोगों की नौकरियां गईं, लेकिन इससे सरकारी क्षेत्र की कार्यक्षमता और आर्थिक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने में मदद मिली।
चीन का डब्ल्यूटीओ में प्रवेश उनके कार्यकाल की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल रहा। इससे चीन का वैश्विक बाजारों से जुड़ाव तेजी से बढ़ा और उसके निर्यात में भारी विस्तार हुआ।
2003 में प्रधानमंत्री पद छोड़ने के बाद झू सक्रिय राजनीति से दूर रहे। वह छिंगहुआ विश्वविद्यालय से जुड़े रहे और ग्रामीण शिक्षा को बढ़ावा देने वाली पहलों का समर्थन किया। चीन के आर्थिक विकास के इतिहास में उनका योगदान लंबे समय तक महत्वपूर्ण माना जाएगा।
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