टेस्ला की दूसरी पीढ़ी की रोडस्टर आज होगी लॉन्च, कोल्ड गैस थ्रस्टर्स से मिल सकती है 'उड़ान' जैसी ताकत
टेस्ला आज अपनी सेकेंड जनरेशन रोडस्टर कार को अनवील करने जा रही है, जिसमें कोल्ड गैस थ्रस्टर्स जैसी खास तकनीक देखने को मिल सकती है। हालांकि इसके बाजार में आने में अभी 12 से 18 महीने और लग सकते हैं।
इलॉन मस्क की कंपनी टेस्ला आज अपनी बहुप्रतीक्षित सेकेंड जनरेशन रोडस्टर कार को दुनिया के सामने पेश करने जा रही है। इस कार में कोल्ड गैस थ्रस्टर्स दिए जाने की चर्चा है, जिनकी मदद से यह कार हवा में थोड़ी देर के लिए हल्की लिफ्ट हासिल कर सकती है। हालांकि इसका यह मतलब कतई नहीं कि यह कार प्लेन की तरह आसमान में उड़ान भर सकेगी, बल्कि यह सुविधा महज परफॉर्मेंस बूस्ट और शॉर्ट-टर्म लिफ्ट तक सीमित रहने की उम्मीद है। लॉन्च से पहले मस्क ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह नई रोडस्टर फिल्मों, कल्पना और इंसानी सीमाओं से भी परे है, बावजूद इसके इसे धरती पर इंसानों ने ही तैयार किया है। उन्होंने इसे अब तक का सबसे बेहतरीन प्रोडक्ट डेमो बताया। गौरतलब है कि टेस्ला ने इस सेकेंड जनरेशन रोडस्टर को सबसे पहले नवंबर 2017 में पेश किया था। तब से अब तक इसकी लॉन्चिंग और प्रोडक्शन की तारीख कई बार टल चुकी है। शुरुआत में यह कार 2020 तक सड़कों पर उतरने की उम्मीद थी, लेकिन डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी चुनौतियों के चलते इसमें करीब आठ साल की देरी हो चुकी है। इस देरी को लेकर बीते साल इलॉन मस्क और ओपनएआई के सीईओ सैम आल्टमैन के बीच सोशल मीडिया पर तीखी बहस भी देखने को मिली थी। आल्टमैन ने कहा था कि 50 हजार डॉलर की बुकिंग फीस देने के बावजूद साढ़े सात साल का इंतजार काफी लंबा है। इसके जवाब में मस्क ने दावा किया था कि आल्टमैन को उनकी बुकिंग फीस पहले ही लौटाई जा चुकी है। हालांकि आज कंपनी भले ही कार को अनवील कर दे, लेकिन इसके बाजार में उतरने में अभी भी वक्त लगेगा। खुद मस्क कह चुके हैं कि अनवील इवेंट के बाद भी रोडस्टर का प्रोडक्शन शुरू होने में कम से कम 12 से 18 महीने और लग सकते हैं। बता दें कि टेस्ला की पहली कार भी रोडस्टर ही थी, जिसे शुरुआत में लोटस कंपनी के कार ढांचे पर तैयार किए जाने की योजना थी ताकि लागत कम रखी जा सके। लेकिन मस्क को यह सामान्य योजना मंजूर नहीं थी। वे चाहते थे कि कार इतनी आकर्षक और दमदार हो कि लोग उसे देखते ही रह जाएं। इसके लिए उन्होंने दरवाजों के डिजाइन, सीटों की चौड़ाई, हेडलाइट्स, बॉडी मैटेरियल और डोर हैंडल तक में बड़े बदलाव करवाए, जिससे लागत और प्रोडक्शन समय दोनों में भारी इजाफा हुआ। कंपनी का मकसद शुरू से ही महंगी रोडस्टर के जरिए इलेक्ट्रिक वाहनों की नींव रखकर आगे चलकर सस्ती इलेक्ट्रिक कारें बाजार में लाना रहा है। टेस्ला आज दुनिया की अग्रणी इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनियों में शुमार है।
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