पुलिस कार्रवाई को लेकर विवादों के बीच भोजपुर और सीवान के एसपी समेत 18 आईपीएस अधिकारियों का तबादला
बिहार सरकार ने 18 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया। भोजपुर और सीवान के एसपी भी बदले गए। इसी बीच शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों ने टीआरई-4 अधिसूचना की मांग तेज की।
भोजपुर के एसपी राज का भी तबादला कर दिया गया है। भोजपुर में स्थानीय कार्यकर्ता भारत तिवारी के मुठभेड़ में मारे जाने की घटना को लेकर काफी आक्रोश हुआ था। हृदय कांत को नालंदा का एसपी बनाया गया है, जबकि भारत सोनी को सीवान का एसपी नियुक्त किया गया है।
बिहार सरकार ने मंगलवार को बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत 18 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया। इनमें भोजपुर और सीवान के एसपी भी शामिल हैं, जहां पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद पैदा हुए थे। राज्य के गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, सीवान के पुलिस अधीक्षक पूर्ण कुमार झा का भी तबादला कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि 25 जुलाई को सीवान में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर एके-47 राइफल के इस्तेमाल की घटना उनके कार्यकाल में हुई थी। पूर्ण कुमार झा को फिलहाल नई तैनाती का इंतजार करने वाली सूची में रखा गया है।
भोजपुर के एसपी राज का तबादला
भोजपुर के एसपी राज का भी तबादला कर दिया गया है। भोजपुर में स्थानीय कार्यकर्ता भारत तिवारी के मुठभेड़ में मारे जाने की घटना ने काफी विवाद पैदा किया था। अधिसूचना के मुताबिक, हृदय कांत को नालंदा का एसपी, भारत सोनी को सीवान का एसपी और अवधेश दीक्षित को भोजपुर का एसपी बनाया गया है।
और पढ़ें: रितब्रत बनर्जी फिलहाल बने रहेंगे बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष, हाईकोर्ट ने दिया दो महीने का समय
इसी बीच बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा के चौथे चरण टीआरई-4 को समय पर कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने 24 घंटे के भीतर परीक्षा की अधिसूचना जारी करने की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर उन्होंने राज्य के शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव कर इस्तीफे की मांग करने की चेतावनी दी है।
गार्डनबाग में कई मांगों को लेकर प्रदर्शन
पटना के गर्दनीबाग इलाके में शोधार्थी और नौकरी के अभ्यर्थी कई मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें सहायक प्रोफेसरों की भर्ती के नए नियम और राज्य सिविल सेवा परीक्षा में कथित विसंगतियां शामिल हैं। मंगलवार को शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने बीपीएससी-टीआरई 4 में एकल चरण की परीक्षा, भ्रष्ट तरीके से नौकरी पाने वालों पर सख्त कार्रवाई, बीएसएससी भर्ती में पारदर्शिता और परीक्षा माफिया पर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू किया।
छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि सरकार को 24 घंटे के भीतर बीपीएससी टीआरई-4 की अधिसूचना जारी करनी चाहिए। ऐसा नहीं होने पर प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव कर इस्तीफे की मांग करेंगे। उन्होंने तीन दिनों के भीतर मांग पूरी नहीं होने पर भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी भी दी।
वहीं, गर्दनीबाग में पिछले 15 दिनों से प्रदर्शन कर रहे बिहार के कई विश्वविद्यालयों के अतिथि शिक्षक और पीएचडी धारकों ने उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर तथा अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों में शामिल कुमुद पटेल ने कहा कि उनकी लड़ाई बिहार की शिक्षा व्यवस्था को बचाने के लिए है।