सुकमा में 52 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण, ₹1.41 करोड़ का इनामी बोझ छोड़ा
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में 52 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया, जिन पर ₹1.41 करोड़ का इनाम था। सरकार ने प्रत्येक को ₹50,000 की तत्काल सहायता दी।
छत्तीसगढ़ में माओवाद के खिलाफ चल रही मुहिम को बड़ी सफलता मिली है। सुकमा जिले से सटे बीजापुर में गुरुवार (15 जनवरी 2026) को कुल 52 माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। इनमें से 49 माओवादियों पर कुल ₹1.41 करोड़ का इनाम घोषित था। पुलिस अधिकारियों ने इसे राज्य सरकार की पुनर्वास और आत्मसमर्पण नीति के तहत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
पुलिस द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी दक्षिण सब-जोनल ब्यूरो (South Sub Zonal Bureau) से जुड़े हुए थे। इन सभी कैडरों ने हिंसा और जनविरोधी विचारधारा को त्यागकर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। यह कदम माओवाद प्रभावित इलाकों में शांति स्थापना की दिशा में अहम माना जा रहा है।
पुनर्वास प्रक्रिया के तहत सरकार की नीति के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले प्रत्येक माओवादी को प्रोत्साहन स्वरूप तत्काल ₹50,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। इसके अलावा, उन्हें आगे चलकर कौशल विकास, स्वरोजगार और सामाजिक पुनर्वास से जुड़ी अन्य सुविधाएं भी दी जाएंगी, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।
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पुलिस अधिकारियों ने कहा कि लगातार सुरक्षा बलों की कार्रवाई, विकास कार्यों में तेजी और सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के कारण माओवादी संगठन कमजोर हो रहे हैं। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में भरोसे का माहौल बनने से माओवादी हिंसा छोड़ने के लिए आगे आ रहे हैं।
बीते कुछ वर्षों में छत्तीसगढ़ सरकार ने माओवादियों के पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया है। इसके तहत आत्मसमर्पण करने वालों को कानूनी सहायता, आवास, शिक्षा और रोजगार से जोड़ने की व्यवस्था की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के सामूहिक आत्मसमर्पण से नक्सल प्रभावित इलाकों में स्थायी शांति और विकास का रास्ता मजबूत होगा।
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