77वां गणतंत्र दिवस 2026: सैन्य शक्ति और लोकतांत्रिक मूल्यों का भव्य प्रदर्शन, भारत-अमेरिका के ऐतिहासिक रिश्तों पर ट्रंप का बयान
77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विविधता का भव्य प्रदर्शन हुआ, जबकि डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-अमेरिका के ऐतिहासिक लोकतांत्रिक रिश्तों की सराहना की।
भारत ने सोमवार, 26 जनवरी 2026 को 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह, गर्व और भव्यता के साथ मनाया। इस अवसर पर देश की सैन्य शक्ति, रणनीतिक क्षमता और सांस्कृतिक विविधता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित मुख्य समारोह इस ऐतिहासिक दिवस का केंद्र रहा।
गणतंत्र दिवस समारोह से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक इंडिया गेट स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और पुष्पचक्र अर्पित कर देश के लिए बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को नमन किया।
इस वर्ष समारोह की मुख्य थीम ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष’ रही, जो देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को रेखांकित करती है। परेड की शुरुआत उस समय हुई जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सलामी ली। वह पारंपरिक बग्गी में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ कर्तव्य पथ पहुंचीं। दोनों नेता इस वर्ष भारत के मुख्य अतिथि रहे।
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परेड में ब्राह्मोस और आकाश मिसाइल प्रणालियों, ‘सूर्यास्त्र’ रॉकेट लॉन्चर, अर्जुन मुख्य युद्धक टैंक और ऑपरेशन सिंदूर में प्रयुक्त अत्याधुनिक स्वदेशी हथियार प्रणालियों का प्रदर्शन किया गया। वायुसेना के लड़ाकू विमानों और नवगठित सैन्य इकाइयों ने भी देश की रक्षा क्षमताओं को प्रदर्शित किया।
लगभग 100 कलाकारों ने ‘विविधता में एकता’ विषय पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुति दी, जिसमें विभिन्न संगीत वाद्ययंत्रों के माध्यम से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और एकता का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत और अमेरिका दुनिया के सबसे बड़े और सबसे पुराने लोकतंत्र होने के नाते एक ऐतिहासिक और मजबूत रिश्ता साझा करते हैं, जो वैश्विक लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती देता है।