शिक्षकों की कमी पर सवाल उठाने वाले पंजाब के AAP विधायक सुखवीर सिंह मैसरखाना निलंबित
आम आदमी पार्टी ने पंजाब विधायक सुखवीर सिंह मैसरखाना को पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित किया। उन्होंने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया था।
आम आदमी पार्टी (AAP) ने पंजाब के विधायक सुखवीर सिंह मैसरखाना को पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई विधायक द्वारा पंजाब के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाने के कुछ घंटों बाद हुई।
सुखवीर सिंह मैसरखाना पंजाब विधानसभा की मौर सीट से विधायक हैं। पार्टी की पंजाब इकाई ने बयान जारी कर कहा कि उनके संज्ञान में आया है कि विधायक पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता में शामिल पाए गए हैं। इसी आधार पर उनकी प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से निलंबित की जाती है।
इससे पहले मैसरखाना ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी पर चिंता जताई थी। उन्होंने दावा किया कि वह इस मुद्दे को कई बार आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के सामने उठा चुके हैं, लेकिन इस पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
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विधायक ने कहा कि वह पंजाब के एकमात्र विधायक हैं जिन्होंने अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ने के लिए भेजा है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी में उनकी अनदेखी की जा रही है, जबकि उन्होंने पंजाब में जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मैसरखाना ने कहा कि वह बार-बार इस मुद्दे को उठाकर थक चुके हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी चाहे तो उनका टिकट काट सकती है, लेकिन वह अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी आवाज अपने बच्चों और पंजाब के अन्य बच्चों के लिए है।
मैसरखाना के बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने AAP सरकार पर निशाना साधा। पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि विधायक के बयान से पंजाब के शिक्षा मॉडल की जमीनी स्थिति को लेकर सवाल उठते हैं।
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