हस्ताक्षर जालसाजी मामले में अभिषेक बनर्जी सीआईडी मुख्यालय पहुंचे, दूसरी बार पूछताछ
अभिषेक बनर्जी को हस्ताक्षर जालसाजी मामले में सीआईडी ने दूसरी बार पूछताछ के लिए बुलाया। पिछली पूछताछ के जवाबों से जांच एजेंसी संतुष्ट नहीं थी, जांच जारी है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। अभिषेक बनर्जी को कथित हस्ताक्षर जालसाजी मामले में पूछताछ के लिए एक बार फिर कोलकाता सीआईडी मुख्यालय बुलाया गया। इस मामले में वह रविवार (14 जून 2026) को दूसरी बार पूछताछ के लिए पेश हुए।
यह मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति के लिए विधायकों के हस्ताक्षरों से जुड़ी कथित गड़बड़ी से संबंधित है। आरोप है कि दस्तावेजों में कुछ विधायकों के हस्ताक्षरों में अनियमितता और फर्जीवाड़ा किया गया था, जिसकी जांच सीआईडी कर रही है।
सीआईडी अधिकारियों के अनुसार, पिछली पूछताछ में अभिषेक बनर्जी द्वारा दिए गए जवाबों से जांच एजेंसियां संतुष्ट नहीं थीं। इसी कारण उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए तलब किया गया है। जांच एजेंसियां इस पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कर रही हैं और सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
और पढ़ें: शिमला के संजौली में स्कूल प्रशासक की गोली मारकर हत्या, कैंपस गेट के बाहर मचा हड़कंप
अभिषेक बनर्जी, जो तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता और डायमंड हार्बर से सांसद हैं, इस जांच के केंद्र में हैं। सीआईडी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या हस्ताक्षर में किसी प्रकार की जानबूझकर की गई गड़बड़ी या राजनीतिक साजिश शामिल थी।
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी ने कई दस्तावेजों और संबंधित रिकॉर्ड को भी खंगाला है। साथ ही कुछ अन्य लोगों से भी पूछताछ की संभावना जताई जा रही है, जो इस प्रक्रिया से जुड़े हो सकते हैं।
यह मामला पश्चिम बंगाल की राजनीति में पहले से जारी तनाव के बीच और अधिक राजनीतिक संवेदनशीलता पैदा कर रहा है। टीएमसी और सरकार दोनों ही इस मुद्दे पर नजर बनाए हुए हैं।
फिलहाल, सीआईडी की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है।