अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर उठाए सवाल, चुनाव आयोग पर लगाए पक्षपात के आरोप
अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाया। उन्होंने धांधली, ईवीएम गड़बड़ी और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर चिंता जताई।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण के तुरंत बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया और विधानसभा चुनावों के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत दर्ज हुई।
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि टीएमसी अब पश्चिम बंगाल और केंद्र दोनों स्तरों पर एक मजबूत, मुखर और बिना समझौता करने वाला विपक्ष बनेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान कई सरकारी एजेंसियों और चुनाव आयोग की भूमिका “गंभीर रूप से पक्षपातपूर्ण” रही।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाएं, जिन्हें निष्पक्ष रूप से काम करना चाहिए, इस पूरी प्रक्रिया में प्रभावित दिखाई दीं, जिससे पश्चिम बंगाल में चुनाव की निष्पक्षता, विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि टीएमसी ने एक बेहद कठिन चुनाव लड़ा, जिसमें लगभग 30 लाख वास्तविक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने का आरोप है। उन्होंने कहा कि वे हर टीएमसी कार्यकर्ता और समर्थक के साथ खड़े रहेंगे ताकि सच्चाई सामने आए।
उन्होंने ईवीएम की हैंडलिंग, नियंत्रण इकाइयों में गड़बड़ी और मशीनों की आवाजाही को लेकर भी गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया। बनर्जी ने कहा कि कई घटनाओं ने जनता के बीच यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या वास्तविक जनादेश का सम्मान किया गया है।
टीएमसी महासचिव ने मतगणना केंद्रों के सीसीटीवी फुटेज और वीवीपैट पर्चियों की पारदर्शी गिनती की मांग की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत रह सकता है जब चुनावी संस्थाओं पर जनता का भरोसा बना रहे, लेकिन वर्तमान स्थिति ने उस विश्वास को गहरा झटका दिया है।
उन्होंने पोस्ट-पोल हिंसा, पार्टी कार्यालयों पर हमले और कार्यकर्ताओं को धमकियों को भी गंभीर बताया।