परीक्षा अनियमितताओं पर केंद्र की उच्चस्तरीय समिति के सामने संस्थागत सुधारों की मांग रखेगा ABVP
ABVP ने परीक्षा अनियमितताओं को लेकर केंद्र की उच्चस्तरीय समिति के सामने संस्थागत सुधारों की मांग रखने की घोषणा की। संगठन ने छात्रों के अधिकारों और लोकतांत्रिक आंदोलनों का समर्थन किया।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने परीक्षा अनियमितताओं के मुद्दे पर केंद्र सरकार की ओर से गठित उच्चस्तरीय समिति के सामने संस्थागत सुधारों से जुड़े सुझाव रखने का फैसला किया है। संगठन ने कहा है कि वह परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने के लिए आवश्यक सुधारों की मांग करेगा।
ABVP ने छात्रों के अधिकारों का समर्थन दोहराते हुए कहा कि वह उन छात्रों के साथ खड़ा है, जो परीक्षा में गड़बड़ी और अनियमितताओं से प्रभावित हुए हैं। संगठन ने कहा कि छात्रों की जायज मांगों और लोकतांत्रिक तरीकों से किए जा रहे आंदोलनों का समर्थन किया जाएगा।
संगठन ने शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न संगठनों, छात्र समूहों, शिक्षाविदों और आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए आगे आएं और सकारात्मक सुझाव दें।
ABVP का कहना है कि परीक्षाओं में होने वाली अनियमितताओं को रोकने के लिए केवल तात्कालिक कदम पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि लंबे समय के लिए संस्थागत बदलाव जरूरी हैं। संगठन उच्चस्तरीय समिति के समक्ष परीक्षा संचालन, प्रश्नपत्र सुरक्षा, प्रशासनिक व्यवस्था और जवाबदेही से जुड़े मुद्दों को उठाएगा।
गौरतलब है कि हाल के समय में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों में नाराजगी देखने को मिली है। इन मामलों को लेकर सरकार ने सुधारों पर विचार करने के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की है।
ABVP ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करना बेहद जरूरी है, क्योंकि लाखों छात्र अपने भविष्य और करियर के लिए इन परीक्षाओं पर निर्भर रहते हैं। संगठन ने यह भी कहा कि किसी भी सुधार प्रक्रिया में छात्रों की आवाज को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
संगठन अब समिति के सामने अपने सुझाव प्रस्तुत करेगा, जिसमें परीक्षा प्रक्रिया को मजबूत बनाने, तकनीकी उपायों के बेहतर इस्तेमाल और अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए ठोस कदमों की मांग शामिल होगी।
ABVP ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रभावी सुधार लागू करेगी, जिससे देश की परीक्षा व्यवस्था अधिक निष्पक्ष और भरोसेमंद बन सके।
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