सुलभ, सस्ता और समय पर न्याय लोकतंत्र की आधारशिला: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा कि न्याय तक समान पहुंच लोकतंत्र की नींव है और यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि न्याय सभी के लिए उपलब्ध हो।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा कि सुलभ, किफायती और समय पर न्याय किसी भी लोकतंत्र की मूल आधारशिला है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि न्याय तक पहुंच हर नागरिक का अधिकार है और इसे केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं रखा जा सकता।
उपराष्ट्रपति ने राष्ट्रीय परामर्श बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि न्याय तक समान पहुंच लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने कहा, “यह राष्ट्रीय परामर्श इस सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि न्याय कुछ लोगों का विशेषाधिकार नहीं, बल्कि सभी के लिए उपलब्ध अधिकार है।”
उन्होंने न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी और समावेशी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उपराष्ट्रपति ने कहा कि कई बार न्याय मिलने में देरी या उसकी लागत अधिक होने के कारण आम लोग इससे वंचित रह जाते हैं, जो लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है।
और पढ़ें: नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता: 17 वर्षों में 14 सरकारें और स्थायी नेतृत्व की कमी
राधाकृष्णन ने सुझाव दिया कि न्याय व्यवस्था में सुधार के लिए तकनीक का उपयोग बढ़ाया जाए, कानूनी प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाए और गरीब तथा वंचित वर्गों के लिए कानूनी सहायता को मजबूत किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि न्याय प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि लोगों का भरोसा बना रहे।
बैठक में शामिल विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों ने भी न्याय प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव साझा किए।
उपराष्ट्रपति ने अंत में कहा कि एक मजबूत लोकतंत्र वही होता है, जहां हर नागरिक को समय पर और समान रूप से न्याय प्राप्त हो सके।
और पढ़ें: केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार ने राष्ट्रीय परामर्श समिति की बैठक की अध्यक्षता की