×
 

अफगानिस्तान में भारी बारिश से आई अचानक बाढ़, कम से कम 17 लोगों की मौत

अफगानिस्तान में भारी बारिश से अचानक आई बाढ़ में कम से कम 17 लोगों की मौत हुई और 11 घायल हुए। बाढ़ से 1,800 परिवार प्रभावित हुए और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा।

अफगानिस्तान में मौसम की पहली भारी बारिश और बर्फबारी ने लंबे समय से चले आ रहे सूखे दौर को तोड़ दिया, लेकिन इसके साथ ही कई इलाकों में अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) ने भारी तबाही मचाई। अफगानिस्तान की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के एक प्रवक्ता ने गुरुवार (1 जनवरी 2026) को बताया कि इन बाढ़ों में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई और 11 अन्य घायल हुए हैं।

मृतकों में एक ही परिवार के पांच सदस्य शामिल हैं, जिनकी मौत हेरात प्रांत के काबकान जिले में उस समय हो गई जब भारी बारिश के कारण उनके घर की छत ढह गई। हेरात के गवर्नर के प्रवक्ता मोहम्मद यूसुफ सईदी के अनुसार, इस हादसे में दो बच्चे भी शामिल थे।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रवक्ता मोहम्मद यूसुफ हम्माद ने बताया कि अधिकतर हताहत सोमवार (29 दिसंबर 2025) के बाद उन जिलों में हुए हैं, जहां बाढ़ का सबसे ज्यादा असर पड़ा। खराब मौसम ने देश के मध्य, उत्तरी, दक्षिणी और पश्चिमी क्षेत्रों में जनजीवन को भी बुरी तरह प्रभावित किया है।

और पढ़ें: स्विट्ज़रलैंड में बार में भीषण आग: मृतकों की पहचान करना बना प्रशासन के लिए कठिन चुनौती

हम्माद के अनुसार, बाढ़ के कारण प्रभावित जिलों में बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है, बड़ी संख्या में पशुधन की हानि हुई है और करीब 1,800 परिवार प्रभावित हुए हैं। इससे कमजोर शहरी और ग्रामीण समुदायों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

उन्होंने बताया कि आपदा प्रबंधन एजेंसी ने सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में आकलन दल भेज दिए हैं और आगे की जरूरतों का पता लगाने के लिए सर्वेक्षण जारी है।

अफगानिस्तान, पड़ोसी पाकिस्तान और भारत की तरह, अत्यधिक मौसमीय घटनाओं के प्रति बेहद संवेदनशील है, खासकर मौसमी बारिश के बाद आने वाली अचानक बाढ़ के प्रति। दशकों के संघर्ष, कमजोर बुनियादी ढांचा, वनों की कटाई और जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों ने इस तरह की आपदाओं के असर को और गंभीर बना दिया है। दूरदराज के इलाकों में कच्चे मकान अचानक आने वाले पानी से बहुत कम सुरक्षा प्रदान करते हैं।

संयुक्त राष्ट्र और अन्य सहायता एजेंसियों ने इस सप्ताह चेतावनी दी है कि 2026 में भी अफगानिस्तान दुनिया के सबसे बड़े मानवीय संकटों में से एक बना रहेगा। संयुक्त राष्ट्र ने अफगानिस्तान में करीब 1.8 करोड़ जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए 1.7 अरब डॉलर की अपील की है।

और पढ़ें: रूस ने अमेरिकी तटरक्षक बल से तेल टैंकर का पीछा रोकने की मांग की

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share