AI क्रांति आने वाली है, शिक्षकों की जगह नहीं लेगी तकनीक: चंद्रबाबू नायडू
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता शिक्षकों की जगह नहीं लेगी, बल्कि उनकी क्षमता बढ़ाकर शिक्षा और पेशेवर क्षेत्रों में बदलाव लाएगी।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शिक्षा और पेशेवर क्षेत्रों में तकनीक के बढ़ते प्रभाव को रेखांकित करते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई आने वाले समय में बड़ा बदलाव लाने वाली है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि एआई का उद्देश्य शिक्षकों और मानव विशेषज्ञता को खत्म करना नहीं, बल्कि उनकी क्षमताओं को मजबूत करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक का इस्तेमाल लोगों को सशक्त बनाने के लिए किया जाना चाहिए। विशेष रूप से शिक्षा के क्षेत्र में एआई शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण सहायक उपकरण साबित हो सकता है। इससे शिक्षकों को विद्यार्थियों की जरूरतों को बेहतर ढंग से समझने, पढ़ाई को अधिक प्रभावी बनाने और नई शिक्षण पद्धतियों को अपनाने में मदद मिल सकती है।
चंद्रबाबू नायडू ने इस बात पर जोर दिया कि तकनीकी प्रगति के बावजूद मानव विशेषज्ञता और अनुभव का महत्व बना रहेगा। उनके अनुसार, एआई को मानव क्षमता के पूरक के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि उसके विकल्प के तौर पर।
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उन्होंने कहा कि तेजी से बदलती दुनिया में शिक्षा और पेशेवर क्षेत्रों को नई तकनीकों के साथ तालमेल बिठाना जरूरी है। एआई के प्रभावी इस्तेमाल से काम करने के तरीके अधिक कुशल हो सकते हैं और लोगों को बेहतर परिणाम हासिल करने में सहायता मिल सकती है।
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब देश और दुनिया में शिक्षा समेत विभिन्न क्षेत्रों में एआई के इस्तेमाल को लेकर चर्चा तेज है। उन्होंने तकनीक को अवसर के रूप में अपनाने और इसका उपयोग मानव क्षमताओं को बढ़ाने के लिए करने की जरूरत बताई।
चंद्रबाबू नायडू के मुताबिक, भविष्य की एआई क्रांति में तकनीक और मानव विशेषज्ञता के बीच सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।