ओवैसी की एआईएमआईएम को बड़ा झटका, राष्ट्रीय प्रवक्ता असीम वकार कांग्रेस में शामिल; बताई पार्टी छोड़ने की वजह
एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद असीम वकार कांग्रेस में शामिल हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि एआईएमआईएम भाजपा से लड़ने के बजाय विपक्षी दलों से संघर्ष कर रही है।
एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद असीम वकार बुधवार को नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) कार्यालय में कांग्रेस में शामिल हो गए। इस मौके पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और एआईसीसी अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी समेत कई नेता मौजूद रहे।
वकार ने एआईएमआईएम छोड़ने की वजह बताते हुए पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर परोक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एआईएमआईएम सार्वजनिक रूप से भाजपा और उसकी विचारधारा के खिलाफ लड़ने की बात करती है, लेकिन जमीन पर उसका संघर्ष उन विपक्षी दलों से होता है जो भाजपा को सत्ता से हटाना चाहते हैं।
वकार ने कहा कि अगर भाजपा को वास्तव में सत्ता से हटाना है तो विपक्षी दलों को कमजोर करने के बजाय भाजपा के खिलाफ मजबूती से लड़ना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि देश में भाजपा के खिलाफ कांग्रेस, राहुल गांधी और उनकी टीम मजबूती से आवाज उठा रही है।
राहुल गांधी की भूमिका की तारीफ
कांग्रेस में शामिल होने के बाद वकार ने राहुल गांधी की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी शिक्षा, रोजगार, छात्रों, महिलाओं और वंचित वर्गों से जुड़े मुद्दों पर लगातार आवाज उठा रहे हैं और सरकार को विभिन्न मोर्चों पर चुनौती दे रहे हैं।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में देशभर में जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन चल रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न दलों के नेता कांग्रेस में शामिल होकर मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के हाथ मजबूत कर रहे हैं।
यूपी चुनाव से पहले अहम घटनाक्रम
सैयद असीम वकार उत्तर प्रदेश में एआईएमआईएम के प्रमुख चेहरों में रहे हैं और पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के करीबी माने जाते थे। उनका कांग्रेस में शामिल होना उत्तर प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
राज्य में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। सत्तारूढ़ भाजपा के सामने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच संभावित संयुक्त चुनौती की चर्चा के बीच वकार का कांग्रेस में जाना विपक्षी राजनीति के लिए अहम माना जा रहा है। हालांकि, इसके राजनीतिक प्रभाव का आकलन चुनावी समीकरण स्पष्ट होने के बाद ही किया जा सकेगा।
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