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एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली फ्लाइट में बड़ा झटका, 300 फीट नीचे गिरा विमान; 12 यात्री और क्रू सदस्य घायल

एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली उड़ान में तेज टर्बुलेंस के कारण विमान अचानक 300 फीट नीचे गिरा। हादसे में 12 यात्री और क्रू सदस्य घायल हुए, विमान सुरक्षित उतरा।

थाईलैंड के फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की एक फ्लाइट मंगलवार को तेज टर्बुलेंस की चपेट में आ गई। अचानक आए झटके के कारण विमान करीब 300 फीट नीचे चला गया, जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई। इस घटना में 12 यात्री और क्रू सदस्य मामूली रूप से घायल हो गए।

एयर इंडिया के अनुसार, फ्लाइट संख्या एआई2379 फुकेत से दिल्ली के लिए संचालित हो रही थी। उड़ान के दौरान विमान को कुछ समय के लिए तेज टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा, जिसके कारण उसकी ऊंचाई में अचानक बदलाव आया। हालांकि, पायलटों ने स्थिति को संभाल लिया और विमान को सुरक्षित रूप से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतारा गया।

फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट फ्लाइटरडार24 के अनुसार, विमान टर्बुलेंस या हवा के अचानक ऊपर-नीचे होने के कारण करीब 300 फीट नीचे आया था। विमान ने फुकेत से सुबह 8 बजकर 25 मिनट पर उड़ान भरी थी और भारतीय समयानुसार सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर दिल्ली पहुंच गया।

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एयर इंडिया ने अपने बयान में कहा कि किसी भी यात्री या क्रू सदस्य को गंभीर चोट नहीं आई है। हालांकि, कुछ यात्रियों और कर्मचारियों को मामूली चोटें आईं, जिन्हें एहतियात के तौर पर हवाई अड्डे की चिकित्सा सुविधा में ले जाया गया। एयरलाइन ने कहा कि वह प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध करा रही है और संबंधित अधिकारियों के साथ जांच में सहयोग कर रही है।

वहीं, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सामने आए घायल यात्रियों को व्हीलचेयर पर ले जाते हुए देखा गया। एक यात्री के चेहरे और सिर पर पट्टी बंधी दिखाई दी, जबकि एयर इंडिया की एक महिला क्रू सदस्य को गर्दन में कॉलर लगाए व्हीलचेयर पर ले जाया गया।

क्या होता है एयर टर्बुलेंस?

एयर टर्बुलेंस हवा की अनियमित गति को कहा जाता है, जिसके कारण विमान हिलने लगता है या उसकी ऊंचाई में अचानक बदलाव हो सकता है। यह मौसम में बदलाव, तेज हवाओं, पहाड़ों के आसपास हवा के दबाव या जेट स्ट्रीम जैसी स्थितियों के कारण पैदा होता है।

आमतौर पर आधुनिक विमान ऐसे झटकों को सहने के लिए बनाए जाते हैं और अधिकांश टर्बुलेंस खतरनाक नहीं होते। लेकिन तेज टर्बुलेंस के दौरान यदि यात्री सीट बेल्ट न लगाए हों या केबिन में घूम रहे हों, तो चोट लगने की संभावना बढ़ जाती है। एयर इंडिया ने यात्रियों की सुरक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है।

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