नगांव लोकसभा उपचुनाव में एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल की एंट्री, त्रिकोणीय मुकाबला
नगांव लोकसभा उपचुनाव में एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल के उतरने से बीजेपी, कांग्रेस और एआईयूडीएफ के बीच त्रिकोणीय मुकाबला हो गया है।
असम की विपक्षी पार्टी ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) ने 6 अक्टूबर को होने वाले नगांव लोकसभा उपचुनाव के लिए पार्टी प्रमुख और बिन्नाकांडी विधायक बदरुद्दीन अजमल को उम्मीदवार बनाया है। अजमल के मैदान में उतरने से अब मुकाबला बीजेपी, कांग्रेस और एआईयूडीएफ के बीच त्रिकोणीय हो गया है।
एआईयूडीएफ के महासचिव (प्रशासन) हाफिज बशीर अहमद ने बताया कि पार्टी की कोर कमेटी ने अजमल की उम्मीदवारी को मंजूरी दी है। अजमल तीन बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं। उन्होंने 2009 से लगातार तीन कार्यकाल तक धुबरी लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया था। वर्तमान में वह बिन्नाकांडी विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं।
अजमल ने 2006 के असम विधानसभा चुनाव से सक्रिय राजनीति में कदम रखा था। इससे एक साल पहले उन्होंने एआईयूडीएफ की स्थापना की थी। 2006 में उन्होंने दक्षिण सलमारा विधानसभा सीट से जीत दर्ज की। 2026 के असम विधानसभा चुनाव में उन्होंने फिर राज्य की राजनीति में वापसी की और होजाई जिले की नवगठित बिन्नाकांडी सीट से चुनाव जीता।
नगांव लोकसभा सीट कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। बोरदोलोई ने बाद में बीजेपी में शामिल होकर दिसपुर विधानसभा सीट से चुनाव जीता।
बीजेपी ने पूर्व आईएएस अधिकारी देबाशीष शर्मा को उम्मीदवार बनाया है। उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर 8 सितंबर को बीजेपी में प्रवेश किया था। कांग्रेस ने पूर्व बटद्रोबा विधायक शिवामणि बोरा को टिकट दिया है।
नगांव सीट पर मतदान 6 अक्टूबर को और मतगणना 9 अक्टूबर को होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 16 सितंबर है, जबकि 19 सितंबर तक नाम वापस लिए जा सकते हैं।
असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने पार्टी की जीत का भरोसा जताया है। वहीं मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दावा किया कि नगांव उपचुनाव में बीजेपी की जीत होने पर 2031 के विधानसभा चुनाव में पार्टी राज्य की सभी 126 सीटें जीत सकती है।