बंगाल चुनाव में सख्ती बढ़ी, अजय पाल शर्मा बने चुनाव पर्यवेक्षक
चुनाव आयोग ने बंगाल चुनाव के दूसरे चरण से पहले अजय पाल शर्मा को पर्यवेक्षक नियुक्त किया। 142 सीटों पर मतदान के लिए कड़ी सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था लागू की गई है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण से पहले चुनाव आयोग ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा को चुनाव पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। अपनी सख्त कार्यशैली के लिए जाने जाने वाले शर्मा को चुनाव प्रक्रिया की निगरानी की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।
दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होना है, जिसमें दक्षिण बंगाल के सात जिलों की कुल 142 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। इस चरण में कोलकाता समेत कई महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।
चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। राज्य में केंद्रीय बलों की 2,321 कंपनियां तैनात की गई हैं, जबकि कोलकाता में सबसे ज्यादा 273 कंपनियां लगाई गई हैं। इसके अलावा 142 सामान्य पर्यवेक्षक, 95 पुलिस पर्यवेक्षक और 100 व्यय पर्यवेक्षक भी नियुक्त किए गए हैं, जो चुनाव प्रक्रिया पर नजर रखेंगे।
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आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है, वहीं ड्रोन कैमरों के जरिए भी निगरानी की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, कुल 41,001 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां करीब 3.21 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
इस बीच, चुनाव प्रचार का दौर समाप्त हो चुका है। बीजेपी और टीएमसी के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिली, जिसमें घुसपैठ, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
मतगणना 4 मई को होगी। चुनाव आयोग को उम्मीद है कि कड़ी सुरक्षा और निगरानी के चलते मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होगी।
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