अजित डोभाल ने चीनी उपराष्ट्रपति हान झेंग से की मुलाकात, सीमा विवाद सुलझाने और रिश्ते मजबूत करने पर जोर
अजित डोभाल ने बीजिंग में चीनी उपराष्ट्रपति हान झेंग से मुलाकात की। दोनों ने सीमा पर शांति बनाए रखने, द्विपक्षीय संबंध सुधारने और आर्थिक व राजनीतिक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) और भारत-चीन सीमा प्रश्न पर विशेष प्रतिनिधि अजित डोभाल ने मंगलवार को बीजिंग में चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के साथ-साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।
डोभाल चीन की दो दिवसीय यात्रा पर हैं। इस दौरान वह भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर विशेष प्रतिनिधियों की व्यवस्था के तहत 25वें दौर की वार्ता में हिस्सा ले रहे हैं। यह बातचीत पूर्वी लद्दाख में 2020 के सैन्य गतिरोध के बाद दोनों देशों के संबंधों को सामान्य बनाने के प्रयासों के बीच हो रही है।
भारतीय दूतावास के अनुसार, डोभाल और हान झेंग ने सीमा क्षेत्रों में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने और आर्थिक, राजनीतिक तथा बहुपक्षीय मंचों पर भारत-चीन संबंधों को आगे बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया। इसके बाद डोभाल की चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ विशेष प्रतिनिधियों की वार्ता होनी थी।
और पढ़ें: अजीत डोभाल और वांग यी के बीच बीजिंग में भारत-चीन सीमा वार्ता, जानिए क्यों अहम है बैठक
सीमा वार्ता का महत्व बढ़ा
भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को सुलझाने के लिए विशेष प्रतिनिधि तंत्र वर्ष 2003 से काम कर रहा है। दोनों देशों के बीच विवादित सीमा करीब 3,488 किलोमीटर लंबी है। इस तंत्र के तहत डोभाल और वांग यी अपने-अपने देशों के विशेष प्रतिनिधि हैं।
हालांकि अब तक सीमा विवाद का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है, लेकिन दोनों देश इसे तनाव कम करने और बातचीत जारी रखने के महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखते हैं।
2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद भारत-चीन संबंधों में गंभीर तनाव आया था। इसके बाद पूर्वी लद्दाख में लंबे समय तक सैन्य गतिरोध रहा। दोनों देशों ने संबंधों को स्थिर करने के लिए कई कदम उठाए हैं, लेकिन सीमा और अरुणाचल प्रदेश से जुड़े मतभेद अभी भी बने हुए हैं।
शी चिनफिंग के भारत दौरे पर नजर
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि डोभाल और वांग यी सीमा विवाद के साथ द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी गहन चर्चा करेंगे।
यह वार्ता ऐसे समय हो रही है जब चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने की संभावना है। इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी चिनफिंग के बीच मुलाकात का अवसर भी बन सकता है।