ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट पश्चिम बंगाल चुनावों में 33 सीटों पर लड़ेगा
ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में 33 सीटों पर चुनाव लड़ेगा, तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के खिलाफ अपनी ओर से संघर्ष करेगा।
पश्चिम बंगाल के आगामी विधानसभा चुनावों में ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट (All India Secular Front) ने बड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने घोषणा की है कि वह 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में कुल 33 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। यह बड़ा राजनीतिक निर्णय शुक्रवार को लिया गया।
यह पार्टी 2021 में अब्बास सिद्दीकी द्वारा स्थापित की गई थी और वर्तमान में राज्य में इसका एकमात्र विधायक नौशाद सिद्दीकी नेतृत्व कर रहे हैं। यह संगठन पश्चिम बंगाल में सत्ता में मौजूद दो प्रमुख राजनीतिक दलों – तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) – दोनों के खिलाफ खड़ा हुआ है और अपनी राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश में है।
पार्टियों के आपसी मुकाबले और राजनीतिक परिदृश्य को देखते हुए ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट का यह कदम खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 33 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला इस बात का संकेत देता है कि पार्टी राज्य की राजनीति में अपनी उपस्थिति को मजबूत करने की दिशा में सक्रिय है।
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पश्चिम बंगाल में विधानसभा के कुल 294 विधानसभा सीटें हैं, और प्रत्येक राजनीतिक दल अपना प्रदर्शन बेहतर करने के लिए रणनीति बना रहा है। प्रमुख दलों में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के अलावा लेफ्ट फ्रंट और अन्य क्षेत्रीय दल भी चुनाव में पूरी ताकत से मैदान में हैं।
ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट का दावा है कि वह सामाजिक समानता, धर्मनिरपेक्षता और गरीब–मज़दूर वर्ग के हितों का प्रतिनिधित्व करेगा। पार्टी इस चुनाव में अपनी कोर नीतियों को सामने रखते हुए जनता का समर्थन हासिल करने की कोशिश करेगी। इसके लिए पार्टी ने स्थानीय स्तर पर प्रचार और उम्मीदवारों की तलाश शुरू कर दी है।
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