इलाहाबाद हाई कोर्ट ने हनी-ट्रैप वसूली गिरोह पर कड़ा रुख अपनाया, पूरी जांच के आदेश दिए
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने हनी-ट्रैप वसूली गिरोह मामले में सख्त रुख अपनाते हुए मेरठ ज़ोन पुलिस को पूरी जांच करने के निर्देश दिए और सभी दोषियों की पहचान करने का आदेश दिया।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने हनी-ट्रैप और वसूली के मामलों में संलिप्त गिरोह के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। डिविजन बेंच, जिसमें जस्टिस जे जे मुनिर और जस्टिस तरुण सक्सेना शामिल हैं, ने इंस्पेक्टर जनरल (आईजी), पुलिस मेरठ ज़ोन को निर्देश दिया कि मामले की पूरी तरह से जांच की जाए और सभी अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हनी-ट्रैप और ब्लैकमेल के मामलों में पीड़ितों की सुरक्षा और गोपनीयता प्राथमिकता होनी चाहिए। अदालत ने पुलिस को यह भी आदेश दिया कि डिजिटल और सोशल मीडिया माध्यमों से किए गए अपराधों का भी गहन मूल्यांकन किया जाए।
इस आदेश के बाद मेरठ ज़ोन पुलिस ने मामले की त्वरित जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में कई संदिग्धों की पहचान की जा चुकी है और उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरोह के सभी सक्रिय सदस्य और उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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विशेषज्ञों का कहना है कि हाई कोर्ट का यह कड़ा रुख अन्य राज्यों में हनी-ट्रैप और वसूली जैसी घटनाओं को रोकने में भी मदद करेगा। अदालत ने साफ कहा कि कानून के सामने सभी समान हैं और ऐसे अपराधों के खिलाफ शून्य सहनशीलता नीति अपनाई जाएगी।
इस मामले में कोर्ट का संदेश स्पष्ट है कि अपराधियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा और पीड़ितों को न्याय मिलेगा।
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