श्री अमरनाथ यात्रा 2026 शुरू, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पहला जत्था किया रवाना; जानें रूट, रजिस्ट्रेशन और सुविधाएं
श्री अमरनाथ यात्रा 2026 शुरू हो गई है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पहला जत्था रवाना किया। यात्रा 57 दिन चलेगी और कड़े सुरक्षा इंतजामों के साथ सुविधाएं उपलब्ध हैं।
पवित्र श्री अमरनाथ यात्रा 2026 की औपचारिक शुरुआत हो गई है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार (2 जुलाई) को जम्मू के यात्री निवास से पहले जत्थे को रवाना किया। इस दौरान पूरा वातावरण “बम बम भोले” और “हर हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा।
उपराज्यपाल ने यात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए उनकी सुरक्षित और सुखद यात्रा की कामना की। उन्होंने प्रशासन, सुरक्षा बलों, स्वास्थ्य विभाग और स्वयंसेवी संगठनों के प्रयासों की सराहना की।
यात्रा 3 जुलाई से पहलगाम और बालटाल बेस कैंप से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी और कुल 57 दिनों तक जारी रहेगी। सरकार ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
अमरनाथ गुफा तक पहुंचने के दो प्रमुख मार्ग हैं। पहला पारंपरिक पहलगाम मार्ग है, जो जम्मू, पहलगाम, चंदनवाड़ी, पिस्सू टॉप, शेषनाग और पंचतरणी से होकर लगभग 32 किलोमीटर की दूरी तय करता है। दूसरा बालटाल मार्ग है, जो जम्मू, बालटाल, डोमेल और बरारी से होकर केवल 14 किलोमीटर का है, लेकिन यह अधिक कठिन माना जाता है।
यात्रियों के लिए टेंट आवास, लंगर सेवा, चिकित्सा सुविधा, ऑक्सीजन बूथ, एंबुलेंस, क्लोक रूम, पार्किंग और मोबाइल नेटवर्क जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। हेलीकॉप्टर सेवा 2026 में उपलब्ध नहीं होगी और दोनों मार्गों को ‘नो-फ्लाइंग जोन’ घोषित किया गया है।
रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से किया जा सकता है। श्रद्धालु श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की वेबसाइट से आवेदन कर सकते हैं। एक मोबाइल नंबर से अधिकतम चार यात्री रजिस्टर हो सकते हैं। इसके अलावा एसबीआई, पीएनबी, यस बैंक और जम्मू-कश्मीर बैंक की 500 से अधिक शाखाओं में भी पंजीकरण उपलब्ध है।
यात्रा के दौरान जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। नेवीग टनल पर वाहनों की आवाजाही समयबद्ध की गई है ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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