अमित शाह ने एनआईडीएम की बैठक की अध्यक्षता की, जलवायु परिवर्तन के बीच आपदा-रोधी गांव और शहर बनाने पर जोर
अमित शाह ने एनआईडीएम की तीसरी गवर्निंग बॉडी बैठक में जलवायु परिवर्तन के बीच आपदा-रोधी गांव और शहर बनाने, विभागीय समन्वय बढ़ाने तथा विशेष सेल स्थापित करने पर जोर दिया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (एनआईडीएम) की गवर्निंग बॉडी की तीसरी बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने जलवायु परिवर्तन से बढ़ती आपदा संबंधी चुनौतियों के बीच देश में आपदा-रोधी शहरी और ग्रामीण बुनियादी ढांचा तैयार करने पर जोर दिया।
अमित शाह ने संबंधित सभी विभागों में विशेष सेल स्थापित करने का निर्देश दिया, ताकि आपदा के जोखिम को कम करने और उससे निपटने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा सके। उन्होंने कहा कि बदलते जलवायु परिदृश्य में गांवों और शहरों को आपदाओं के प्रति अधिक सक्षम और सुरक्षित बनाना आवश्यक है।
बैठक में आपदा प्रबंधन की तैयारियों, जोखिम कम करने की रणनीति और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। गृह मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि आपदा प्रबंधन केवल आपदा आने के बाद राहत और बचाव तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि जोखिम की पहचान, रोकथाम और पहले से तैयारी पर भी समान ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता बताई। इसके लिए समर्पित सेल महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इनका उद्देश्य अपने-अपने क्षेत्रों में आपदा जोखिम का आकलन करना और बुनियादी ढांचे को संभावित आपदाओं के अनुरूप तैयार करना होगा।
अमित शाह ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया, जिससे बाढ़, भूस्खलन, चक्रवात, भूकंप और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान नुकसान को कम किया जा सके। जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम संबंधी घटनाओं की तीव्रता और आवृत्ति बढ़ने की आशंकाओं के बीच इस दिशा में तैयारियां महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
बैठक में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में संस्थागत क्षमता बढ़ाने, प्रशिक्षण और विशेषज्ञता के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया। एनआईडीएम को आपदा प्रबंधन से जुड़े शोध, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला संस्थान माना जाता है।
गृह मंत्री ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण को विकास योजनाओं का अभिन्न हिस्सा बनाने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि देश के गांव और शहर भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए अधिक मजबूत बन सकें।