सभी हवाई अड्डों पर यात्री संख्या के अनुसार एयरोब्रिज के मानक तय हों: अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को सभी हवाई अड्डों पर यात्री और उड़ान यातायात के आधार पर एयरोब्रिज की संख्या तय करने के मानक बनाने के निर्देश दिए।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को नागरिक उड्डयन मंत्रालय को देश के सभी हवाई अड्डों पर यात्री संख्या और हवाई यातायात के आधार पर एयरोब्रिज (एयरक्राफ्ट बोर्डिंग ब्रिज) की संख्या निर्धारित करने के लिए स्पष्ट मानक तैयार करने के निर्देश दिए। उनका उद्देश्य बढ़ती हवाई यात्रा को देखते हुए यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और एयरपोर्ट संचालन को अधिक प्रभावी बनाना है।
गृह मंत्री ने कहा कि देश में हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे को भी उसी गति से विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एयरोब्रिज की उपलब्धता किसी भी आधुनिक हवाई अड्डे की महत्वपूर्ण सुविधा है और इसके लिए एक समान राष्ट्रीय नीति बनाई जानी चाहिए।
निर्देशों के अनुसार, नागरिक उड्डयन मंत्रालय सभी हवाई अड्डों का मूल्यांकन करेगा और वहां होने वाले दैनिक यात्री आवागमन, उड़ानों की संख्या तथा भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एयरोब्रिज की न्यूनतम संख्या के लिए मानक तय करेगा।
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विशेषज्ञों का मानना है कि पर्याप्त एयरोब्रिज होने से यात्रियों को विमान तक पहुंचने में सुविधा मिलती है। इसके अलावा खराब मौसम में भी यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक तरीके से विमान में चढ़ने और उतरने का अवसर मिलता है। इससे एयरपोर्ट संचालन में भी तेजी आती है और विमानों का टर्नअराउंड समय कम होता है।
हाल के वर्षों में भारत में कई नए हवाई अड्डों का निर्माण हुआ है, जबकि अनेक पुराने एयरपोर्ट का विस्तार भी किया जा रहा है। ऐसे में सरकार सभी एयरपोर्ट पर सुविधाओं का मानकीकरण करने पर जोर दे रही है।
माना जा रहा है कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय जल्द ही इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा। नए मानकों के लागू होने के बाद भविष्य में बनने वाले हवाई अड्डों के साथ-साथ मौजूदा एयरपोर्ट पर भी आवश्यकतानुसार एयरोब्रिज की संख्या बढ़ाई जा सकेगी। इससे यात्रियों के अनुभव में सुधार होगा और भारत की नागरिक उड्डयन व्यवस्था को और अधिक आधुनिक तथा व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।
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