अमित शाह ने कोलकाता में नवनिर्मित म्यूजियम ऑफ वर्ड का किया उद्घाटन, बोले- सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित करने की दिशा में बड़ा कदम
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में ‘म्यूजियम ऑफ वर्ड’ का उद्घाटन किया। उन्होंने इसे देश की सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण और प्रचार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को पश्चिम बंगाल के कोलकाता में नवनिर्मित ‘म्यूजियम ऑफ वर्ड’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने इस परियोजना को देश की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
अमित शाह ने कहा कि भारत की संस्कृति, परंपराएं और ऐतिहासिक धरोहर देश की पहचान का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार ऐसे प्रयास कर रही है, जिनके माध्यम से देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखा जा सके और दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जा सके।
गृह मंत्री ने ‘म्यूजियम ऑफ वर्ड’ को भारत की सांस्कृतिक विविधता और ज्ञान परंपरा को दर्शाने वाला एक महत्वपूर्ण केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय लोगों को देश के इतिहास, भाषा, साहित्य और सांस्कृतिक मूल्यों को समझने का अवसर देगा।
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उन्होंने कहा कि भारत की हजारों वर्षों पुरानी सभ्यता में ज्ञान, कला और विचारों की समृद्ध परंपरा रही है। ऐसे संस्थान आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अमित शाह ने केंद्र सरकार की सांस्कृतिक पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि देशभर में ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण, संग्रहालयों के विकास और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान कई गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि ‘म्यूजियम ऑफ वर्ड’ में भारतीय भाषाओं, साहित्य, विचारों और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ी जानकारियों को प्रदर्शित किया जाएगा।
केंद्र सरकार का मानना है कि यह संग्रहालय न केवल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा, बल्कि विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और संस्कृति प्रेमियों के लिए भी उपयोगी साबित होगा।
अमित शाह ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और ऐसे प्रयास देश की विरासत को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने में मदद करेंगे।