रायपुर में अमित शाह की बड़ी सुरक्षा बैठक, माओवाद खत्म करने की समयसीमा पर जोर
रायपुर में अमित शाह ने माओवादी हिंसा पर उच्चस्तरीय बैठक की, माओवादियों से आत्मसमर्पण की अपील करते हुए कहा कि सरकार गोली नहीं चलाना चाहती और पुनर्वास के लिए तैयार है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) को लेकर एक उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक देश से माओवादी हिंसा को समाप्त करने के लिए तय की गई 31 मार्च की समयसीमा के मद्देनज़र बेहद अहम मानी जा रही है।
बैठक में राज्य और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुख और पुलिस के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे अभियानों की समीक्षा की गई और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार देश को माओवादी हिंसा से मुक्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
अमित शाह ने माओवादियों से हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि सरकार एक भी गोली चलाना नहीं चाहती और जो लोग आत्मसमर्पण करेंगे उनका “रेड कार्पेट” स्वागत किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास और उन्हें मुख्यधारा में शामिल करने के लिए सरकार हर संभव मदद करेगी।
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गृह मंत्री ने सुरक्षा बलों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में नक्सल हिंसा में काफी कमी आई है और कई क्षेत्रों में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़े हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सुरक्षा अभियान के साथ-साथ विकास कार्यों को भी प्राथमिकता दी जाए ताकि प्रभावित इलाकों में स्थायी शांति स्थापित हो सके।
बैठक में यह भी जोर दिया गया कि स्थानीय लोगों का विश्वास जीतना और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में सबसे महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का लक्ष्य है कि तय समयसीमा के भीतर देश को माओवादी हिंसा से मुक्त कर दिया जाए।
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