बजट पेश करने में वित्तीय अनुशासन और राजकोषीय समेकन बड़ी चुनौती: यनमाला रामकृष्णुडु
पूर्व वित्त मंत्री यनमाला रामकृष्णुडु ने कहा कि आंध्र प्रदेश के 2026-27 बजट में राजकोषीय समेकन, वित्तीय अनुशासन और राजस्व बढ़ाना सबसे बड़ी चुनौतियां होंगी।
आंध्र प्रदेश के पूर्व वित्त मंत्री यनमाला रामकृष्णुडु ने कहा है कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश करते समय राज्य सरकार को कई गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, जिनमें राजकोषीय समेकन (Fiscal Consolidation) और वित्तीय अनुशासन (Financial Discipline) सबसे प्रमुख मुद्दे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य के लिए राजस्व घाटे को नियंत्रण में रखना बेहद आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आंध्र प्रदेश का राजस्व स्तर वर्तमान में लगभग 9% है, जो देश के कई बड़े राज्यों की तुलना में कम है। ऐसे में राज्य सरकार के सामने सबसे बड़ी प्राथमिकता राजस्व बढ़ाने की होनी चाहिए।
यनमाला रामकृष्णुडु ने कहा कि बढ़ते खर्च और सीमित आय के बीच संतुलन बनाना सरकार के लिए एक कठिन कार्य होगा। उन्होंने आगाह किया कि यदि राजस्व वृद्धि पर विशेष ध्यान नहीं दिया गया, तो विकास योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए संसाधन जुटाना मुश्किल हो सकता है।
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उन्होंने यह भी कहा कि बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं होता, बल्कि यह राज्य की आर्थिक दिशा और प्राथमिकताओं को दर्शाता है। ऐसे में सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि खर्च नियंत्रित रहे और वित्तीय संसाधनों का उपयोग कुशलतापूर्वक किया जाए।
पूर्व वित्त मंत्री के अनुसार, आंध्र प्रदेश को निवेश आकर्षित करने, कर आधार को मजबूत करने और गैर-कर राजस्व के स्रोतों का विस्तार करने पर ध्यान देना चाहिए। इससे न केवल राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि राज्य की वित्तीय स्थिति भी मजबूत होगी।
उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी बजट में सरकार दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता को ध्यान में रखते हुए ठोस कदम उठाएगी और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए स्पष्ट रणनीति पेश करेगी।
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