आंध्र प्रदेश को हरित ऊर्जा का वैश्विक केंद्र बनना चाहिए: मुख्यमंत्री
आंध्र प्रदेश सरकार ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर और बिजली नेटवर्क विस्तार के जरिए राज्य को हरित ऊर्जा का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। इसके लिए राज्य सरकार बिजली अवसंरचना को मजबूत बनाने की दिशा में बड़े कदम उठा रही है। सरकार ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर की स्थापना और विद्युत ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है ताकि भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज-3 के तहत लगभग हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य राज्य में सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा देना तथा स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन और वितरण को अधिक प्रभावी बनाना है। सरकार का मानना है कि इससे न केवल ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश में प्राकृतिक संसाधनों की भरपूर उपलब्धता है, जिसका उपयोग हरित ऊर्जा उत्पादन में किया जा सकता है। राज्य सरकार निजी कंपनियों और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए अनुकूल नीतियां भी लागू कर रही है। इसके साथ ही बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क को आधुनिक तकनीक से लैस किया जा रहा है ताकि ऊर्जा वितरण में किसी प्रकार की बाधा न आए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि हरित ऊर्जा के क्षेत्र में आंध्र प्रदेश देश ही नहीं बल्कि दुनिया में भी एक नई पहचान बनाएगा। सरकार का लक्ष्य स्वच्छ, सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा उपलब्ध कराकर राज्य को ऊर्जा क्षेत्र में अग्रणी बनाना है।
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