नेताजी की अस्थियां भारत लाने के समर्थन की अपील, पराक्रम दिवस पर बोलीं अनिता बोस फाफ
पराक्रम दिवस पर अनिता बोस फाफ ने भारतीयों से नेताजी सुभाष चंद्र बोस की अस्थियां टोक्यो से भारत लाने की मांग का समर्थन करने की भावुक अपील की।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की पुत्री अनिता बोस फाफ ने सभी भारतीयों से अपील की है कि वे नेताजी की अस्थियों को जापान के टोक्यो से भारत वापस लाने की मांग का समर्थन करें। उन्होंने यह अपील नेताजी की 129वीं जयंती के अवसर पर की, जिसे देश भर में ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।
जयंती की पूर्व संध्या पर जारी एक ईमेल बयान में अनिता बोस फाफ ने कहा कि नेताजी के लिए निर्वासन की कल्पना ही सबसे पीड़ादायक बात थी। उन्होंने लिखा कि नेताजी को यह जानकर गहरा दुख होता है कि उनकी मृत्यु के 80 से अधिक वर्षों बाद और भारत के स्वतंत्र हुए 78 साल बीत जाने के बावजूद उनकी अस्थियां अब भी मातृभूमि से बाहर रखी गई हैं।
अनिता बोस फाफ ने कहा कि नेताजी ने अपना संपूर्ण जीवन भारत की स्वतंत्रता और सम्मान के लिए समर्पित कर दिया। ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानी की स्मृति और सम्मान के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि उनकी अस्थियां भारत लाई जाएं, ताकि उन्हें उनकी जन्मभूमि में अंतिम विश्राम मिल सके।
और पढ़ें: दक्षिण चीन सागर में विवादित शोल के पास जहाज पलटा, दो की मौत, चार लापता: चीन
उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल एक पारिवारिक या भावनात्मक मुद्दा नहीं है, बल्कि देश के इतिहास, स्वाभिमान और राष्ट्रीय चेतना से जुड़ा प्रश्न है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सबसे साहसी और प्रेरणादायी नेताओं में से एक थे, जिनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
अनिता बोस फाफ ने सभी नागरिकों, सामाजिक संगठनों और सरकार से इस विषय पर संवेदनशीलता दिखाने और एकजुट होकर नेताजी की अस्थियों की भारत वापसी के प्रयासों को समर्थन देने का आग्रह किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि पराक्रम दिवस जैसे अवसर पर यह मांग और अधिक मजबूती के साथ उठेगी।
और पढ़ें: मुंबई में महिला मेयर का रास्ता साफ: लॉटरी प्रणाली और उससे जुड़ा विवाद समझें