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अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश का कहर, बाढ़-भूस्खलन से 7 की मौत; 97 हजार से अधिक लोग प्रभावित

अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश से बाढ़ और भूस्खलन ने व्यापक तबाही मचाई है। सात लोगों की मौत हुई है, जबकि 97 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।

अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन से हालात गंभीर हो गए हैं। राज्य के कई जिलों में सड़कें, पुल, स्कूल और अन्य सार्वजनिक ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 29 लोग घायल हुए हैं। राज्य के सभी 26 जिलों के 425 गांवों में 97,182 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।

सबसे अधिक नुकसान कुरुंग कुमे जिले में हुआ है, जहां कुमे नदी के ऊपरी हिस्से में भारी बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ ने पारसी-पार्लो सर्किल और दामिन उपखंड को प्रभावित किया। बाढ़ के कारण हुरी और दामिन को जोड़ने वाला पुल बह गया, जिससे पूरे इलाके का सड़क संपर्क टूट गया। पागम गांव को जोड़ने वाला पुल भी बाढ़ की चपेट में आ गया।

बाढ़ से सेंट थॉमस स्कूल परिसर पूरी तरह जलमग्न हो गया। स्कूल की इमारत, कक्षाएं, शिक्षण सामग्री, फर्नीचर, उपकरण और शिक्षकों के आवास क्षतिग्रस्त हो गए हैं। स्थिति को देखते हुए स्कूल में अगली सूचना तक शैक्षणिक गतिविधियां स्थगित कर दी गई हैं।

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प्रशासन ने अर्धसैनिक बलों, पुलिस और अन्य एजेंसियों के सहयोग से राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया है। प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन किया जा रहा है और आवश्यक सुविधाओं को जल्द बहाल करने के प्रयास जारी हैं।

इस बीच पक्के केसांग जिले के पाकरो गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-13 भूस्खलन के कारण बंद हो गया है। अधिकारियों ने बताया कि सड़क को दो से तीन दिनों में बहाल किए जाने की संभावना है। वहीं पश्चिम कामेंग जिले में भारी बारिश से सेला सुरंग की संपर्क सड़क का एक हिस्सा बह गया है। यात्रियों को पुराने सेला मार्ग का उपयोग करने की सलाह दी गई है। पापुम पारे जिले में पोटिन-किमिन मार्ग भी भूस्खलन के कारण बंद है।

एसईओसी के अनुसार, आपदा से 541.75 हेक्टेयर कृषि भूमि और लगभग 1,010 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। इसके अलावा 150 सड़कें, 19 पुल, 21 पुलियां, 221 जलापूर्ति प्रणालियां, 58 सरकारी भवन, 156 बिजली लाइनें, 224 बिजली के खंभे, 10 जलविद्युत परियोजनाएं, दो अस्पताल और तीन स्कूल क्षतिग्रस्त हुए हैं। राज्य सरकार राहत, पुनर्स्थापन और नुकसान के विस्तृत आकलन का कार्य लगातार जारी रखे हुए है।

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