अश्विनी वैष्णव ने महाराष्ट्र के पालघर में बुलेट ट्रेन की सुरंग के अंतिम निर्माण कार्य को वर्चुअल रूप से देखा।
पालघर में बुलेट ट्रेन परियोजना की 1.5 किमी लंबी सुरंग का अंतिम निर्माण कार्य हुआ। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली से इसका वर्चुअल निरीक्षण किया।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार (2 जनवरी 2026) को महाराष्ट्र के पालघर जिले में बुलेट ट्रेन परियोजना से जुड़ी एक बड़ी उपलब्धि का वर्चुअल रूप से साक्षी बने। नई दिल्ली स्थित रेल भवन से उन्होंने 1.5 किलोमीटर लंबी पर्वतीय सुरंग के अंतिम निर्माण कार्य को देखा। यह सुरंग मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
रेल मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट में बताया गया कि यह 1.5 किलोमीटर लंबी पहाड़ी सुरंग पालघर जिले की सबसे लंबी सुरंगों में से एक है। यह विरार और बोईसर बुलेट ट्रेन स्टेशनों के बीच स्थित है। महाराष्ट्र में यह दूसरी सुरंग है, जिसका सफल निर्माण कार्य पूरा हुआ। इससे पहले सितंबर 2025 में ठाणे और बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) के बीच 5 किलोमीटर लंबी भूमिगत सुरंग का निर्माण कार्य पूरा किया गया था।
508 किलोमीटर लंबी मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना भारत की एकमात्र हाई स्पीड रेल परियोजना है। इस परियोजना को बुलेट ट्रेनों के संचालन के लिए डिजाइन किया गया है, जिनकी अधिकतम रफ्तार 320 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। परियोजना के पूरा होने के बाद मुंबई से अहमदाबाद की दूरी मात्र 2 घंटे 17 मिनट में तय की जा सकेगी।
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यह महत्वाकांक्षी परियोजना गुजरात, महाराष्ट्र और दादरा एवं नगर हवेली से होकर गुजरती है। इसे भारत में आधुनिक, तेज और सुरक्षित रेल परिवहन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना को जापान सरकार की तकनीकी और वित्तीय सहायता से लागू किया जा रहा है। इस परियोजना में जापान की अत्याधुनिक शिंकानसेन तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को विश्वस्तरीय रेल सेवा उपलब्ध कराई जा सकेगी।
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