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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कृषि अवसंरचना कोष कार्यशाला में हिस्सा लिया

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुवाहाटी में कृषि अवसंरचना कोष पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में कृषि क्षेत्र के विकास और निवेश पर चर्चा हुई।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को गुवाहाटी में आयोजित कृषि अवसंरचना कोष (एआईएफ) पर राज्य स्तरीय कार्यशाला में भाग लिया। यह कार्यक्रम ज्योति बिष्णु इंटरनेशनल कला मंदिर में आयोजित किया गया, जिसमें कृषि क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।

कार्यशाला का उद्देश्य कृषि अवसंरचना को मजबूत करने, किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और कृषि क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विचार-विमर्श करना था।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कार्यक्रम में कृषि क्षेत्र के विकास की जरूरतों और राज्य में आधुनिक कृषि सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कृषि से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं का विकास बेहद आवश्यक है।

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कृषि अवसंरचना कोष केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र में भंडारण सुविधाओं, प्रसंस्करण इकाइयों, कोल्ड स्टोरेज, आपूर्ति श्रृंखला और अन्य आवश्यक ढांचागत सुविधाओं के निर्माण को बढ़ावा देना है। इस योजना के माध्यम से किसानों, कृषि उद्यमियों और संबंधित संगठनों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

कार्यशाला में राज्य के कृषि विभाग के अधिकारियों, किसानों, कृषि क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों ने भाग लिया। इस दौरान कृषि अवसंरचना कोष के तहत उपलब्ध अवसरों, परियोजनाओं और योजनाओं के बेहतर उपयोग पर चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि असम में कृषि क्षेत्र की अपार संभावनाएं हैं और सरकार किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने और युवाओं को कृषि क्षेत्र से जोड़ने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

राज्य सरकार का लक्ष्य कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ किसानों को मूल्य संवर्धन और बेहतर बाजार व्यवस्था से जोड़ना है। अधिकारियों के अनुसार, कृषि अवसंरचना कोष के माध्यम से राज्य में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को गति मिल सकती है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

कार्यशाला के माध्यम से किसानों और संबंधित पक्षों को एआईएफ योजना की जानकारी देने तथा इसके लाभों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया।

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