असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने डॉ. भूपेन हजारिका समन्वय तीर्थ पहुंचकर दी श्रद्धांजलि
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने डॉ. भूपेन हजारिका समन्वय तीर्थ का दौरा कर श्रद्धांजलि अर्पित की और परिसर को सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने की समीक्षा की।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने राज्य के महान गायक, संगीतकार, कवि और सांस्कृतिक प्रतीक डॉ. भूपेन हजारिका को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए डॉ. भूपेन हजारिका समन्वय तीर्थ का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने परिसर में उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण किया और इसे एक आधुनिक एवं जीवंत सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री ने समन्वय तीर्थ परिसर का भ्रमण कर वहां उपलब्ध बुनियादी ढांचे, आगंतुकों के लिए सुविधाओं और रखरखाव की व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिसर को ऐसा सांस्कृतिक स्थल बनाया जाए, जहां स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटक भी आकर्षित हों।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक कार्य विभाग और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में समन्वय तीर्थ के सौंदर्यीकरण, आधुनिक सुविधाओं के विस्तार, सांस्कृतिक गतिविधियों के नियमित आयोजन और पर्यटन को बढ़ावा देने से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा की गई।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. भूपेन हजारिका केवल असम ही नहीं, बल्कि पूरे भारत की सांस्कृतिक विरासत के अमूल्य धरोहर हैं। उनके जीवन, संगीत और विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना राज्य सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि समन्वय तीर्थ को ऐसा केंद्र बनाया जाए, जहां कला, संगीत, साहित्य और संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जा सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि इस परिसर का विकास राज्य की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करेगा तथा पर्यटन को नई दिशा देगा। सरकार का उद्देश्य इसे एक विश्वस्तरीय सांस्कृतिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करना है, ताकि अधिक से अधिक लोग डॉ. भूपेन हजारिका के जीवन और योगदान से प्रेरणा प्राप्त कर सकें।