असम कांग्रेस में ताज़ा संकट: पूर्व मंत्री बोर्डोलोई ने वरिष्ठ नेतृत्व को पत्र लिखा, अपमान की उठाई शिकायत
असम कांग्रेस में पूर्व मंत्री प्रद्युत बोर्डोलोई ने वरिष्ठ नेतृत्व को पत्र लिखकर अपने अपमान और विधायक द्वारा कथित संरक्षण की शिकायत उठाई।
असम कांग्रेस में एक बार फिर संकट की लहर दिखाई दे रही है। नागांव से दो बार सांसद और पूर्व मंत्री प्रद्युत बोर्डोलोई ने वरिष्ठ नेतृत्व को पत्र लिखकर अपने साथ हुई कथित “अपमानजनक” घटनाओं का जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लाहारीघाट विधानसभा क्षेत्र में उम्मीदवारों के स्क्रीनिंग प्रक्रिया के दौरान उन्हें नजरअंदाज किया गया।
बॉर्डोलोई ने आरोप लगाया कि वर्तमान कांग्रेस विधायक आसिफ नज़ार ने एक व्यक्ति को संरक्षण दिया, जिसने पिछले साल उनपर हमला किया था और बाद में गिरफ्तार किया गया। बोर्डोलोई ने लिखा कि उनके इस मामले को पार्टी नेतृत्व द्वारा गंभीरता से नहीं लिया गया।
उन्होंने अपनी शिकायत असम के कांग्रेस प्रभारी जितेंद्र सिंह को भेजी है, जिसमें उन्होंने अपमान और पार्टी नेतृत्व की उनकी परिस्थितियों को समझने में असफलता को उजागर किया। बोर्डोलोई के अनुसार, यह केवल व्यक्तिगत अपमान का मामला नहीं है, बल्कि पार्टी में अनुशासन और नैतिक जिम्मेदारी की कमी को भी दर्शाता है।
यह विवाद उस समय उभरा है जब पिछले महीने पूर्व असम कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन बोरा ने भी अपने “स्वाभिमान” का हवाला देते हुए पद छोड़ दिया था। राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि यह घटना असम कांग्रेस में भीतर से असंतोष और गुटबाजी को बढ़ावा दे सकती है।
पूर्व मंत्री बोर्डोलोई के पत्र ने पार्टी नेतृत्व के लिए चुनौती खड़ी कर दी है कि वे विधायक और वरिष्ठ नेताओं के बीच उत्पन्न तनाव को कैसे सुलझाएंगे। इस मामले से विधानसभा और लोकसभा स्तर पर पार्टी के भविष्य की रणनीतियों पर भी असर पड़ सकता है।