हिंसा की दुकान: जलते भवन की तस्वीर पर बीजेपी का कांग्रेस पर हमला
असम कांग्रेस की जलते भवन वाली पोस्ट पर बीजेपी ने कड़ा विरोध जताया। बीजेपी ने इसे सांस्कृतिक तोड़फोड़ और हिंसा भड़काने का प्रयास बताया, जबकि मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर परंपराओं का अपमान करने का आरोप लगाया।
असम में त्योहारों का मौसम होने के बावजूद कांग्रेस की एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और विपक्षी कांग्रेस के बीच तीखी राजनीतिक बहस छिड़ गई है। असम कांग्रेस द्वारा साझा की गई एक पोस्ट, जिसे बाद में हटा लिया गया, में एक जलता हुआ घर दिखाया गया था, जो गुवाहाटी स्थित बीजेपी मुख्यालय से काफी मिलता-जुलता बताया जा रहा है। बीजेपी ने इसे “सांस्कृतिक तोड़फोड़” और हिंसा भड़काने वाला कृत्य करार दिया है।
पोस्ट के कैप्शन में असम कांग्रेस ने भोगाली बिहू की शुभकामनाएं देते हुए लिखा था कि मेजी की अग्नि से समाज में मौजूद बुराइयों का अंत हो और राज्य में सौहार्द व उज्ज्वल भविष्य आए। हालांकि बीजेपी का आरोप है कि जलते घर की तस्वीर जानबूझकर उसके पार्टी कार्यालय जैसी बनाई गई थी।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि जब असम के लोग पवित्र मेजी अग्नि की पूजा में लगे हैं, तब कांग्रेस बीजेपी कार्यालय को जलाने का सपना देख रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को असम की संस्कृति और परंपराओं की समझ नहीं है।
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बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इस पोस्ट को “हिंसा की दुकान” बताते हुए कहा कि भोगाली बिहू में प्रतीकात्मक रूप से जलाया जाने वाला ‘भेला घर’ एक अलग सांस्कृतिक संरचना है, न कि कोई वास्तविक मकान। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस असम की परंपराओं को तोड़-मरोड़ कर हिंसा को उकसाने का प्रयास कर रही है।
बीजेपी के एक अन्य प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी इसे खुला उकसावा करार दिया और कहा कि इस तरह की तस्वीरें असमिया संस्कृति का अपमान हैं और आम लोगों को गुमराह करती हैं।
गौरतलब है कि भोगाली बिहू, जिसे माघ बिहू भी कहा जाता है, असम का प्रमुख फसल उत्सव है। राज्य में कुछ महीनों बाद विधानसभा चुनाव होने हैं और ऐसे में यह विवाद राजनीतिक तापमान को और बढ़ा सकता है।
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