असम में कांग्रेस नेतृत्व गिरावट के हालात में है: मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि असम में कांग्रेस नेतृत्व गिरावट की स्थिति में है, आंतरिक संघर्ष और कमजोर संगठन से पार्टी जनता के बीच अपनी पकड़ खो रही है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पार्टी के राज्य नेतृत्व पर कड़ा हमला करते हुए कहा है कि असम में कांग्रेस का नेतृत्व पूरी तरह से गिरावट की स्थिति में है। उन्होंने बताया कि पार्टी में आंतरिक संघर्ष और असहमति के कारण कांग्रेस जनता के बीच अपनी साख खो रही है।
सरमा ने कहा कि कांग्रेस नेताओं के बीच नेतृत्व की कमजोरी और संगठनात्मक अस्थिरता स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। उनका कहना है कि पार्टी न केवल अंदरूनी मतभेदों से जूझ रही है, बल्कि जनता के मुद्दों से भी कटती जा रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि विधानसभा चुनावों में पार्टी की हार और लगातार घटते जनाधार ने कांग्रेस की स्थिति को और कमजोर कर दिया है।
उन्होंने कहा, “असम में कांग्रेस का नेतृत्व अब अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। नेताओं में आपसी समझौते और सामूहिक दृष्टिकोण की कमी साफ नजर आती है। अगर पार्टी इसी तरह चलती रही तो वह जनता के लिए कोई विकल्प नहीं रह जाएगी।”
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सरमा ने यह भी जोड़ा कि असम में विकास और जनता की भलाई के मुद्दों पर केंद्रित होकर ही राजनीतिक स्थिरता बनाए रखी जा सकती है। उनका तर्क है कि कांग्रेस का असम में विघटनशील नेतृत्व ही राज्य में उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों और योजनाओं की आलोचना करने में असमर्थ है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी आगामी विधानसभा चुनावों और कांग्रेस की कमजोर स्थिति को लेकर मीडिया और जनता के बीच सियासी संदेश भी है। इस बयान से यह संकेत मिलता है कि भाजपा असम में कांग्रेस की कमजोरी का लाभ उठाने की रणनीति पर काम कर रही है।