असम बाढ़ का कहर जारी: तीन और मौतों के साथ मृतकों की संख्या 78 पहुंची, आईएमडी ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया
असम में बाढ़ से तीन और लोगों की मौत के बाद मृतकों की संख्या 78 हो गई। तीन लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं और आईएमडी ने भारी बारिश की चेतावनी जारी की।
असम में बाढ़ की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। पिछले 24 घंटों में तीन और लोगों की मौत के बाद राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 78 हो गई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार, फिलहाल राज्य के सात जिलों में 3,00,031 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 30 जुलाई से 1 अगस्त तक राज्य के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश और गरज-चमक के साथ वर्षा की चेतावनी जारी की है।
रिपोर्ट के मुताबिक, बीते 24 घंटों में शिवसागर जिले में दो और गोलाघाट जिले में एक व्यक्ति की मौत हुई है। राज्य के सबसे अधिक प्रभावित जिलों में चराइदेव, शिवसागर, गोलाघाट, जोरहाट, नगांव, विश्वनाथ और कामरूप (मेट्रोपॉलिटन) शामिल हैं। इन जिलों के 551 गांव अब भी बाढ़ की चपेट में हैं।
सबसे अधिक प्रभावित चराइदेव जिले में 1,37,561 लोग प्रभावित हुए हैं। इसके बाद शिवसागर में 84,600 और जोरहाट में 49,911 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। राज्यभर में 71 राहत शिविरों में 16,500 से अधिक विस्थापित लोगों को आश्रय दिया गया है, जबकि 30 राहत वितरण केंद्रों के माध्यम से 72 हजार से अधिक लोगों तक सहायता पहुंचाई जा रही है।
बाढ़ के कारण 21,523.08 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। 11,000 से अधिक पशु बह गए हैं, जबकि 17,000 से ज्यादा पशु प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा तटबंधों, सड़कों, मकानों, स्कूलों और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है।
आईएमडी ने तिनसुकिया जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे असम के कई जिलों में जलभराव, अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।