बांग्लादेश भेजी गई महिला के पति को असम सरकार देगी 2 लाख रुपये मुआवजा
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने बांग्लादेश भेजी गई मुमताज बेगम के पति को अंतरिम मुआवजे के रूप में 2 लाख रुपये देने का असम सरकार को निर्देश दिया।
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम सरकार को बंगाली भाषी मुस्लिम महिला मुमताज बेगम के पति को अंतरिम मुआवजे के तौर पर 2 लाख रुपये देने का निर्देश दिया है। मुमताज बेगम को विदेशी नागरिक घोषित किए जाने के बाद कथित तौर पर बांग्लादेश भेज दिया गया था।
यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पहली बार किसी अदालत ने निर्वासन संबंधी नियमों का उल्लंघन कर किसी व्यक्ति को बांग्लादेश भेजे जाने पर राज्य सरकार पर मुआवजे का भार डाला है।
मामले के अनुसार, 30 मई को एक विदेशी न्यायाधिकरण ने मुमताज बेगम को विदेशी घोषित कर दिया। वह हाईकोर्ट के उस आदेश के बाद न्यायाधिकरण के सामने पेश हुई थीं, जिसमें उनके मामले पर दोबारा विचार करने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने पाया कि न्यायाधिकरण ने बेगम की ओर से पेश किए गए सभी साक्ष्यों पर विचार नहीं किया था।
इसके बाद मुमताज बेगम को गिरफ्तार कर हिरासत केंद्र भेज दिया गया। 14 जून को उन्हें सीमा सुरक्षा बल के हवाले कर दिया गया और श्रीभूमि जिले में स्थित अंतरराष्ट्रीय सीमा के रास्ते बांग्लादेश भेज दिया गया।
गुवाहाटी हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति कल्याण राय सुराना और न्यायमूर्ति सुस्मिता फुकन खौंद की पीठ ने यह आदेश मुमताज बेगम के पति मुजम्मेल हक की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। मुजम्मेल हक नगांव जिले के जुरिया के निवासी हैं।
अदालत ने कहा कि महिला को भारत से बाहर भेजने से पहले याचिकाकर्ता या परिवार के किसी वयस्क सदस्य को इसकी जानकारी नहीं दी गई। पीठ ने इसे देखते हुए अंतरिम राहत के तौर पर 2 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया।
असम सरकार को यह राशि 60 दिनों के भीतर भुगतान करनी होगी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता सिविल कोर्ट में जाकर अतिरिक्त राहत या मुआवजे की मांग कर सकता है।
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