असम, केरलम और पुडुचेरी में चुनाव प्रचार खत्म, नेताओं ने मतदाताओं को लुभाने में झोंकी पूरी ताकत
असम, केरलम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव प्रचार समाप्त हो गया। अंतिम दिन नेताओं ने वादों और रैलियों के जरिए मतदाताओं को लुभाने की पूरी कोशिश की।
असम, केरलम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों के लिए मंगलवार को चुनाव प्रचार समाप्त हो गया। अंतिम दिन विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने मतदाताओं को लुभाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी और कई वादे किए। इन राज्यों में चुनावी मुकाबला काफी अहम माना जा रहा है, जहां सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है।
असम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सत्ता में वापसी के लिए पूरी कोशिश कर रही है, जबकि कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय दल उसे चुनौती दे रहे हैं। वहीं केरलम में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के बीच सीधा मुकाबला है। पुडुचेरी में भी बहुकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है, जहां सभी दल अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।
चुनाव प्रचार के अंतिम दिन रैलियों, रोड शो और जनसभाओं का दौर तेज रहा। नेताओं ने विकास, रोजगार, महंगाई और सामाजिक कल्याण जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। साथ ही, मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए कई नई योजनाओं और घोषणाओं का भी वादा किया गया।
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चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, मतदान से 48 घंटे पहले प्रचार समाप्त करना अनिवार्य होता है, ताकि मतदाता शांतिपूर्ण माहौल में अपना निर्णय ले सकें। अब सभी की नजरें मतदान और उसके बाद आने वाले नतीजों पर टिकी हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन चुनावों के परिणाम देश की राजनीति पर व्यापक प्रभाव डाल सकते हैं।
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