असम के कोकराझार में हिंसक झड़पें, RAF तैनात, इंटरनेट सेवाएं निलंबित
कोकराझार में बोडो और आदिवासी समुदायों के बीच हिंसा भड़कने से एक की मौत हुई। हालात काबू में करने के लिए RAF तैनात और इंटरनेट सेवाएं निलंबित की गईं।
असम के कोकराझार जिले में मंगलवार (20 जनवरी 2026) को बोडो और आदिवासी समुदायों के बीच हिंसक झड़पें भड़क उठीं। इस दौरान हुई भीड़ हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जिसके बाद हालात को काबू में करने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती की गई और जिले में इंटरनेट व मोबाइल डेटा सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गईं।
गृह विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, सोमवार रात (19 जनवरी 2026) को कोकराझार थाना क्षेत्र के तहत करिगांव पुलिस चौकी के पास मांसिंह रोड पर तीन बोडो युवकों को ले जा रही एक गाड़ी ने दो आदिवासियों को टक्कर मार दी। इस घटना के बाद आसपास के आदिवासी ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने गाड़ी सवार तीनों बोडो युवकों की पिटाई कर दी। इसके बाद वाहन को आग के हवाले कर दिया गया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई।
मंगलवार को स्थिति और बिगड़ गई जब बोडो और आदिवासी समुदायों के लोगों ने करिगांव पुलिस चौकी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर जलाए, कुछ घरों में आग लगा दी और एक सरकारी कार्यालय को भी आग के हवाले कर दिया। भीड़ ने करिगांव पुलिस चौकी पर भी हमला किया, जिससे इलाके में तनाव और बढ़ गया।
और पढ़ें: अमेरिका-प्रधान डावोस: ट्रंप यूरोपीय संघ में हलचल मचाएंगे, सर मार्टिन सोरेल का दावा
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात किया ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। अधिकारियों ने आशंका जताई कि सोशल मीडिया और इंटरनेट के माध्यम से भड़काऊ संदेश और अफवाहें फैल सकती हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए गृह विभाग ने पूरे कोकराझार जिले में सभी मोबाइल सेवा प्रदाताओं की इंटरनेट और मोबाइल डेटा सेवाएं अगले आदेश तक अस्थायी रूप से निलंबित कर दी हैं। हालांकि, वॉयस कॉल और फिक्स्ड टेलीफोन लाइनों पर आधारित ब्रॉडबैंड सेवाएं इस अवधि के दौरान चालू रहेंगी। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।
और पढ़ें: मुंबई में अक्षय कुमार के सुरक्षा काफिले की गाड़ी हादसे का शिकार, एक व्यक्ति घायल